August 11, 2022

जिला चिकित्सालय में जन औषधि केन्द्र खोले जाने की डीएम ने दी स्वीकृति

ला चिकित्सालय में जिलाधिकारी डा0 आशीष कुमार श्रीवास्तव ने चिकित्सा प्रबन्धन समिति एवं जिला महिला चिकित्सालय के संचालन मण्डल की बैठक लेते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए सफाई, स्टेशनरी, कन्टीजेेंसी एवं औषधि क्रय के तत्काल निविदा आंमत्रित करें। मंगलवार को जिला चिकित्सालय में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में मरीजों के लिए भोजन आपूर्ति के लिए टेण्डर न लगाकर किसी महिला स्वयं सहायता समूह का यह कार्य सौंपें। इस कार्य को महिला समूह द्वारा बेहतर ढंग से सम्पादित किया जा सकता है। उन्होंने दवा क्रय के सम्बन्ध में कहा कि उन्हे ( जिलाधिकारी) जो प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाता  है उसमें  क्रय समिति की संस्तुति अनिवार्य रूप  से हो। जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय में जन औषधि केन्द्र खोले जाने स्वीकृति प्रदान की साथ ही कहा कि इसके चयन प्रक्रिया निर्धारत मानकों के अनुसार पारदर्शी हो। उन्होंने जीवन रक्षक दवाईयां को डिजास्टर एक्ट के तहत स्थानीय स्तर पर 50 हजार तक की दवा क्रय करने की स्वीकृति भी दी। बैठक में प्राइवेट एवं वी.वी.आई.पी. वार्ड के सुढ़िकरण पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि दोनों वार्ड अलग- अलग हो जो सुविधायुक्त हो साथ ही शौचालय अवश्यक हो। इसके निर्माण के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग से सहयोग लेकर यथा समय तेैयार करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिये। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि शौचालय, नई तकनीकी से फ्लैसलेस बनाये जा सकते है। बैठक में जिलाधिकारी ने अल्ट्रासाउण्ड फार्मो को आन- लाइन करने के लिए न्यूनतम मानदेय पर एक कम्प्यूटर आपरेटर की तैनाती की स्वीकृति भी दी। सीटी स्कैन मशीन हेतु संविदा व आउट सोर्सिंग के माध्यम से एक टेक्निशियन की नियुक्ति के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने कहा कि नियुक्त किये जाने वाला व्यक्ति  अनुभवी हो । अधूरी जानकारी से नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिला चिकित्सालय में स्टाफ की कमी को देखते हुए एनएचएम के तहत आउट सोर्सिंग से दैनिक वेतन पर कर्मचारी रखे जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने कहा कि जितने पदों पर तैनाती की जानी है उसके सापेक्ष तीन गुना लोगों को बुलायें जिससे चिकित्सा क्षेत्र की जानकारी रखने वाले का चयन हो सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सीएमएस को निर्देश देते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय में बेहतर चिकित्सा लाभ के लिए जो डिमांड है उसकी सूची तत्काल प्रस्तुत करें। उन्होंने चिकित्सालय की बाउण्ड्री की मरम्मत और सफाई के लिए आवश्यक निर्देश दिये। कहा कि एक सप्ताह के भीतर दीवार की साफ- सफाई होनी चाहियें तथा दीवार पर किसी भी प्रकार का पोस्टर चस्पा नहीं होना चाहिये।
बैठक में गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत ने चिकित्सा प्रबन्धन में और अधिक सुधार लाने के निर्देश विभाग को दिये। उन्होंने जिला चिकित्सालय में प्राइवेट एवं वी.वी.आई.पी वार्ड के सुदृढ़िकरण करने के साथ-साथ दोनों वार्डो में पर्याप्त स्टाफ की तैनाती को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में सबसे बड़ी समस्या रोगियों को दिये जाने वाला भोजन की है। उन्हें बार- बार शिकायत मिल रही है कि रोगियों को उनके लिये निर्धारित मानक के अनुसार भोजन नहीं मिल पाता है। उन्होंने इसमें सुधार लाने को कहा। विधायक श्री रावत ने जिला महिला चिकित्सालय में सोलर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव देने को कहा। इसके अलावा उन्होंने अन्य चिकित्सा स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के प्रस्ताव मांगे। विधायक ने जिला चिकित्सालय में विद्युत वायरिंग के सुधारीकरण कार्य के लियेे कहा। कहा कि विद्युत वायरिंग काफी जीर्ण- शीर्ण है इसे समय रहते ठीक करवायें। उन्होंने जिला चिकित्सालय एवं महिला चिकित्सालय में साफ- सफाई बेहतर बनाये रखने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पताल परिसर को और अधिक विकसित करने को कहा। बैठक के उपरांत विधायक एवं जिलाधिकारी ने संयुक्त रूप  से जिला एवं महिला चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण कर खाली स्थानों का उपयोग करने के साथ अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा- निर्देश दिये।
बैठक में प्रधान अधीक्षक एस0पी0 कुड़ियाल ने चिकित्सा प्रबन्धन समिति की पिछली बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की। इसके अलावा उन्होंने जिला चिकित्सालय की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अध्यक्ष नगरपालिका परिषद बाड़ाहाट जयेन्द्री राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0( मेजर)     बचन सिंह रावत, वरिष्ठ कोषाधिकारी हिमानी स्नेही, समिति के सदस्य लक्ष्मण सिंह भण्डारी आदि उपस्थित थे।