August 18, 2022

डीएम ने दिए गरीबी को कम करने एवं ग्रामीण परिवारों को निरन्तर आजीविका के अवसर उपलबध कराने के निर्देश

जिलाधिकारी डा. आषीश कुमार श्रीवास्तव ने अन्तराश्ट्रीय कृृशि विकास निधि व राज्य सरकार द्वारा वित्त पोशित एकीकृृत आजीविका सहयोग परियोजना की जिला क्रियान्वयन एवं समन्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंनेएकीकृृत आजीविका सहयोग परियोजना पर्वतीय जनपदों में गरीबी को कम करने एवं ग्रामीण परिवारों को निरन्तर आजीविका के अवसर उपलबध कराने के निर्देष दिये। कहा कि ग्रामीण परिवारों को समक्ष बनाते हुए बाजार अर्थव्यवस्था से जोड़कर उनकी आजीविका में वृृद्वि करें।
उन्होंने अधिकारियों एवं सहकारिता सदस्यों को निर्देष दिये कि जंगली जानवरों के द्वारा ग्रामीणों की फसलों को पहंुचाये जाने वाले नुकसान से निजात पाने के लिए तारबाड की घेराबंदी वाले स्थान पर खेती के  चारों ओर गुलाब के पौधे लगायें। जिससे घेराबंदी के अतिरिक्त गुलाब के फूलों के माध्यम से काष्तकारों की आय के नये स्रोत बनेंगे। उन्होंने सहकारिता द्वारा उत्पादित किये जा रहे उत्पादों को उत्तरा ब्रांड के नाम से बड़े षहरों में स्थित माॅल सेंटरों एवं गढ़वाल मण्डल विकास निगम के विश्राम भवनों में विपणन के लिए उपलब्ध करायें। उन्होंने निर्देष दिये कि परियोजना द्वारा संचालित किये जा रहे प्रथम एवं तृृतीय षनिवार को जिला उद्योग केन्द्र परिसर में महिला हाॅट बाजार को अपणु बाजार के नाम से चलायें। जिलाधिकारी ने कहा कि उतरा ब्रांड के नाम से अबतक 12 लाख की बिक्री की जा चुकी है।
बैठक में प्रभागीय परियोजना प्रबंधक ने परियोजना का संक्षिप्त विवरण दिया तथा जनपद के पांच विकास खण्डों में सम्पादित किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार, मुख्य कृृशि अधिकारी महिधर सिंह तोमर, समाज कल्याण अधिकारी जीत सिंह रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी मौहित चैधरी, जिला उद्यान अधिकारी राकेष कुमार तेवतीया, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड कैलाष चन्द्र भट्ट आदि उपस्थित थे।