August 18, 2022

पोशण दिवस के अवसर पर आंगनबाड़ी पहुंचे डीएम

जिलाधिकारी डा. आषीश कुमार श्रीवास्तव ने पोशण दिवस के अवसर पर गणेषपुर में आंगनबाड़ी केन्द्र पहंुचकर रागिनी, अष्वनी एवं मानसी आदि बच्चों के स्वास्थ्य व पोशण स्तर की जानकारी ली। तीनों बच्चों को जिलाधिकारी द्वारा मिषन कुपोशण मुक्त उत्तरकाषी के अन्तर्गत गोद लिया है। मिषन कुपोशण मुक्त उत्तरकाषी अभियान को आज तीन माह पूरा हुए है। उन्होने आंगनबाडी में उपस्थित गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को इन दिनों पानी को उबालकर पीने एवं स्वच्छता से रहने की सलाह दी कहा कि इससे डायरिया जैसी बीमारी नही फैलेंगे। उन्होने कहा कि सभी आगनबाडी केन्द्रो पर माह के 15 तारिख को माता समिति एवं स्वच्छता समिति की बैठक आहुत करें साथ ही प्रत्येक सोमवार को बच्चों के नाखुन काटें।
जिलाधिकारी प्रातः आंगनबाड़ी केन्द्र पहंुचकर तीनों बच्चों का वजन लेकर पोशण कार्ड में अंकन कराते हुए अभिभावकों को ग्रोथ चार्ट की जानकारी दी तथा आयु के अनुसार बजन बढ़ने के महत्व को बताया। रागनी एवं मानसी अतिकुपोशित से सामान्य होने तथा अष्वनी के षारीरिक स्वस्थ्य भी सामान्य की ओर बढ रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने डीपीओ को निर्देषित करते हुए कहा कि इन्हे तत्काल वेप्रोटिन देना सुनिष्चित करें। जबकि वहां पर एक नवजात षिषु अमन उम्र 6 माह अति कुपोशित क्षेणी में आने पर जिलाधिकारी ने उनके माता को ज्यादा से ज्यादा स्तनपान कराने को कहा वहीं डीपीओ को एक सैरेलक की पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देष दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलायें हरी पत्तेदार सब्जी प्रतिदिन खाये एवं लोहे की कढ़ाई का उपयोग हर घर में होना चाहिए ताकि महिलाओं एवं बच्चों में भरपूर मात्रा आयरन प्राप्त हो। उन्होंने निर्देष दिये कि टेक होम राषन में गुड़ तथा आयरन युक्त खाद्य सामग्री जोड़ी जाय। वहीं ग्राम सभा के मीनी आगनबाडी  जिलाधिकारी ने धात्री महिलाओं को ओआरएस के पैकेट एवं जींक के गोली वितरित किया। गांव में जिलाधिकारी को मौजूद पाने पर ग्रामीण महिलाओं ने अपनी-अपनी समस्या के निस्तारण की मांग की जिस पर जिलाधिकारी ने उन्हे निस्तारण का आष्वासन दिया।
वहीं जनपद के नव नियुक्त मुख्य विकास अधिकारी विनित कुमार ने लक्षेष्वर आगनबाडी पहुंच कर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गोद लिए गये बच्चे कृश्णा एवं धनेष्वरी की स्वास्थ्य की जानकारी लिया। जिनकी वजन में वृद्धि हो रहे है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मिषन कुपोशण मुक्त उत्तरकाषी के अन्तर्गत कुल 33 कुपोशित बच्चों के श्रेणी के बच्चे है जिसमें 16 बच्चे जिला स्तरीय अधिकारी एवं 17 जनपद के ब्लाक स्तर अधिकारियां के द्वारा गोद लिया गया है। जिसमें 5 बच्चे कुपोशण मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अतिकुपोशित बच्चों को ऊर्जा, पोशाहार विषेश रूप से दिया गया है जो पन्त नगर विष्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किया गया है। इस अवसर पर डीपीओ मोहित चैधरी, ग्राम प्रधान गणेषपुर पुश्पा चैहान सहित ग्रामीण महिला मौजूद थे।