December 5, 2022

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य ने चार पुरस्कार प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया“

प्रधानमंत्री, भारत सरकार एवं कृषि मंत्री, भारत सरकार के दिशानिर्देशानुसार पशुपालन, डेरी एवं मत्स्य विभाग, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना“ के अन्तर्गत स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन को प्रोत्साहित करने हेतु गोपाल रत्न पुरस्कार एवं कामधेनु पुरस्कार की प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें भारत के समस्त राज्यों को 5 जोन में विभाजित करते हुए प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया।
उत्तर भारत के तीन पर्वतीय एवं आठ पूर्वाेत्तर राज्यों की श्रेणी में उत्तराखण्ड राज्य ने स्वदेशी गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन प्रतियोगिता कामधेनु पुरस्कार में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तीनों पुरस्कार प्राप्त कर 11 राज्यों में सर्वश्रेष्ठ राज्य का स्थान प्राप्त किया।
कामधेनु पुरस्कार के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार (रू0 5.00 लाख), रेड सिन्धी गायों हेतु पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, कालसी, देहरादून, द्वितीय पुरस्कार (रू0 3.00 लाख) साहिवाल गायों हेतु इन्स्ट्रक्शनल डेरी फार्म, पंतनगर, ऊधमसिंहनगर एवं तृतीय पुरस्कार (रू0 1.00 लाख), बद्री गायों हेतु राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, नरियालगांव, चम्पावत ने प्राप्त किया।
गोपाल रत्न पुरस्कार के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार (रू0 5.00 लाख), स्वदेशी नस्ल की सर्वोत्तम पशु प्रबन्धन एवं सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन हेतु पशुपालक श्रेणी में सिन्धी गाय हेतु श्री जीवन लाल, सुनारगांव, काण्डा, बागेश्वर, उत्तराखण्ड को प्राप्त हुआ है।
दिनांक 01 जून, 2017 को विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर नई दिल्ली मंे आयोजित कार्यक्रम में मा0 केन्द्रीय कृषि मंत्री, भारत सरकार द्वारा उपरोक्त योजनान्तर्गत देशभर के विजेता पशुपालकों एवं संस्थाओं को पुरस्कार वितरण किया गया, जिसमंे उत्तराखण्ड राज्य से डा0 कमल सिंह, मुख्य अधिशासी अधिकारी, यू.एल.डी.बी., देहरादून, डा0 प्रेम कुमार, परियोजना निदेशक, पशु प्रजनन प्रक्षेत्र कालसी, डा0 जी0 के0 सिंह, डीन, पशुचिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय, पंतनगर, ऊधमसिंहनगर, डा0 हरीश चन्द्र जोशी, परियोजना निदेशक, नरियालगांव एवं श्री जीवन लाल, सुनारगांव, काण्डा, बागेश्वर द्वारा कार्यक्रम में प्रतिभाग कर पुरस्कार प्राप्त किये गये व स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन में विशेष योगदान करने पर उत्तराखण्ड राज्य को गौरवान्वित किया।