December 8, 2022

अगस्त्यमुनि : भारी बारिश से अगस्त्यमुनि क्षेत्र के आसपास भारी नुकसान

  • गजेंद्र रौतेला

8 अगस्त 2019 की रात भारी बारिश से अगस्त्यमुनि क्षेत्र के आसपास भारी नुकसान हुआ।जहां एक ओर विजयनगर के गदेरे का पानी और मलबा दुकानों में घुसा वहीं दूसरी ओर सिल्ली में मंदाकिनी नदी के पार चाका में तीन आवासीय मकान व दो गौशाला ध्वस्त हुई।

गनीमत ये रही कि स्थानीय लोगों की सजगता और सतर्कता से किसी जान माल का नुकसान न हुआ।हालांकि गौशाला में विशलमणि भट्ट की एक भैंस दब गई जबकि एक गाय को सुरक्षित बचा लिया गया।

चाका में 77 वर्षीय सेवानिवृत्त पटवारी  चिंतामणि नौटियाल अपनी पत्नी के साथ रहते हैं उन्होंने बताया कि अर्धरात्रि को जब भारी बारिश हो रही थी तो अचानक से घर के पीछे से जोर की गड़गड़ाहट के साथ भारी मात्रा में मलबा आया जब तक वो कुछ समझ पाते तब तक उनके घर का एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था।

इसके साथ ही उनके नीचे  विशलमणि भट्ट के आवासीय मकान का एक हिस्सा भी पूरी तरह ध्वस्त हो गया साथ ही पड़ोस का एक और आवासीय घर भी इसकी चपेट में आ गया।

सजग पड़ोसियों और अन्य स्थानीय लोगों के द्वारा इन सभी लोगों को बड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह घर से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया।आवासीय घरों के अतिरिक्त दो गौशाला भी इसके चपेट में आ गई।
गौरतलब है कि जहां स्थानीय नागरिकों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए तत्काल लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला वहीं आपदा प्रबंधन और पुलिस प्रशासन को तुरंत सूचना देने के बावजूद भी 1 किमी0 की दूरी पर 2 घण्टे बाद पहुंचे।
संवेदनशील जोन 5 और मानसून सीजन होने के बावजूद ये प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।इसके अतिरिक्त सिल्ली में भी सिल्ली सेरा की सिंचाई की नहर एक PMGSY की नव निर्मित सड़क के कारण विगत तीन वर्षों से मलबे से बंद पड़ी है ।

जिस कारण बरसात का पानी नहर में न जाकर अक्सर ही मलबे के साथ घरों में घुस जाता है।कई बार PWD और सिंचाई विभाग को इसकी शिकायत की लेकिन दोनों ही विभाग एक दूसरे पर इसके मरम्मत की जिम्मेदारी डाल कर टाल लेते हैं।
यदि यही लापरवाही और नाकारापन रहा तो वह दिन दूर नहीं जब ऐसी ही कोई दूसरी घटना घट सकती है।