December 8, 2022

उत्तरकाशी : जान जोखिम में डाल कर पढ़ने को मजबूर बच्चे

  • उत्तरकाशी

उत्तरकाशी में शिक्षा व्यवस्था किस कदर दम तोड़ रही है यह उत्तरकाशी से 60 किलोमीटर दूर राजकीय इंटर कॉलेज जुणगा में देखी जा सकती है।
किस कदर खस्ताहाल भवन में जान जोखिम में डाल कर 252 बच्चे पढ़ने को मजबूर है।
सरकारों की दावो की सारी हकीकत इस विद्यालय में आकर उलट हो जाती है।
उत्तराखंड में सरकारें शिक्षा को बेहतर बनाने को लेकर लाख दावे कर रही है लेकिन हकीकत ये है कि पहाड़ो पर कई विद्यालय पढ़ने लायक ही नही है। जान जोखिम में डाल कर विधायर्थी पढने को और शिक्षक पढ़ाने को मजबूर है।
ऐसा एक विद्यालय है उत्तरकाशी मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर डुंडा ब्लॉक के जुणगा गाँव में।
राजकीय इंटर कॉलेज जुणगा में 252 पूरी तरह से खस्ताहाल पड़े इस भवन में पढ़ने को मजबूर है।
सयह विद्यालय कंही से भी विद्यालय नजर नही आता है। लेकिन सरकार और सिस्टम की उदाशीनता के चलते 252 बच्चे इस विद्यालय में जान जोखिम में डाल कर पढ़ने को मजबूर है।
यह विद्यालय इतनी ऊंचाई पर है आये दिन तेज हवाओं से भी बच्चो को सामना करना पड़ता है। पिछले साल तेज हवा से विद्यालय का एक कमरा ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे तेज हवाओं से भी डरते है।
हालात तब और खराब हो जाते है जब बारिश होती है बारिश होते है पानी का रिसाव के साथ छत टपकने लगती है। फिर भी बच्चे खराब माहौल में डर मेंपढ़ने को मजबूर है।
वंही जंहा स्कूल में पढ़ने में बच्चो को डर बना रहता है वंही दूसरी और शिक्षक भी डर छाये में पढ़ाने को मजबूर है। लेकिन इस समस्या के बारे में उच्च अधिकारियों को बताने के बाद भी अधिकारी किसी बड़े घटना का इंतजार कर रहे है।
वंही ग्रामीण और जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह भंडारी बताते है इस बारे वह सभी को अवगत करा चुके है लेकिन किसी  ने उनकी नही सुनी । यह विद्यालय का उच्चीकरण 2011 में हुआ था लेकिन 1980 के दशक में बने जूनियर हाइस्कूल में ही आज तक चल रहा है।