December 8, 2022

उत्त्तरकाशी : जिले मे पहली बार हरे चारे की नवीन तकनीक हाईड्रोपोनिक का शुभारंभ

  • उत्त्तरकाशी

जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान के निर्देश के क्रम में पशुपालन विभाग के द्वारा पशुपालन को बढ़ावा देने व चारा पत्ती लाने वाली महिलाओं के बहुमूल्य समय व उनके बोझ को कम करने के उद्देश्य से जनपद मे पहली बार हरे चारे की नवीन तकनीक हाईड्रोपोनिक का मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त आर्य व मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. प्रलंयकरनाथ, ग्राम प्रधान रजनी भट्ट ने शुभारंभ किया।
माण्डो गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रषान्त आर्य ने कहा कि पशुपालन विभाग व आईएलएसपी के सहयोग से जनपद में पहलीबार हाईड्रोपोनिक का उपयोग किया गया। इस नवीन तकनीक से हरे चारे को बिना मिट्टी व कम समय व कम लागत से उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में अधिकांश महिलाएं अपना बहुमूल्य समय चारा पत्ती लाने में व्यतित कर देती है तथा कभी – कबार चारा पत्ती लाने हेतु अपनी जान भी जोखिम में डाल देती है। नई तकनीक के उपयोग से महिलाओं के बोझ को कम करने के साथ ही समय की बचत होगी।

मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. प्रलंयकरनाथ ने बताया कि एकीकृत आजीविका के सहयोग से 172 प्रगतिशील पशुपालकों को पशुपालन व डेयरी विकास को प्रोत्साहन देने हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि पशुपालकों को हरे चारे से निजात दिलाने हेतु दो से तीन रूपये की लागत,कम समय,कम पानी, कम जगह व बिना मिट्टी के हाइड्रोपोनिक तकनीक से मात्र 10 से 12 दिन के भीतर हरा चारा पशुओं को खिलाने के लिए तैयार हो जाता है। इस विधि द्वारा प्रति कि.ग्रा. हरा चारा उत्पन्न करने पर मात्र 3 से 4 लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है तथा किसी प्रकार की उर्वरक की जरूरत नहीं होती। जबकि इसके विपरित खेतों में चारा फसल के बीज द्वारा बुवाई करने से 50 से 60 दिन का समय लगने के साथ ही 15 से 20 रूपये की लागत लग जाती है। हाईड्रोपोनिक तकनीक अपनाने से निश्चिंत तौर पर पशुपालकों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक तौर पर ए.टी. इंडिया उत्तरकाशी के अन्तर्गत तीन सहकारिताओं माण्डो, मुस्टिकसौड़, गमदियाडगांव में हाईड्रोपोनिक विधि से हरा चारा उत्पादन यूनिट की स्थापना की गई है।
इस दौरान उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा.हिमांशु पाण्डेय, डा.शिवानन्द पाठक, डा.धर्मेन्द्र सिंह नाथ, डा.अंकित कुमार, जयवीर सिंह, सुरेन्द्र सिंह राणा, लोकेन्द्र दत्त जोशी सहित पशुपालक सहित ग्रामीण मौजूद थे।