November 27, 2022

रावण वेदवती संवाद, श्रवण कुमार का मार्मिक दृश्य देख श्रद्धालु हुए भाव विभोर

जितेंद्र सैनी (भीम) /सनसनी सुराग न्यूज

कस्बा कांधला स्थित श्री पंजाबी धर्मशाला में गत रात्रि सर्वप्रथम त्रिलोकीनाथ भगवान विष्णु की मुख्य आरती की गई तत्पश्चात प्रथम दृश्य में त्रिलोक विजेता दशानन लंकापति रावण का दरबार लगा अपनी ताकत के नशे में चूर रावण किस तरह वेदवती का तिरस्कार करता है रावण के हाथों अपना तिरस्कार होते देख वेदवती रावण को सचेत करते हुए कहती है जिस तरह आज तूने मुझे छू कर अपमानित किया है अगले जन्म में ही तेरी मौत का कारण बनूंगी इतना कहकर वेदवती अंतर्ध्यान हो जाती।

 

 

उसके बाद श्रवण कुमार अयोध्या के राजा दशरथ के दरबार में पहुंचते हैं और अपना दुखड़ा सुनाते हैं राजा दशरथ (रंजन शर्मा)गुरु वशिष्ठ(हर्षित शर्मा) को भेजते हैं गुरु वशिष्ठ श्रवण कुमार(बृजेश शर्मा) से उनके आने का प्रश्न पूछते हैं श्रवण कुमार गुरु वशिष्ट से अपने माता-पिता की आंखों की रोशनी के बारे में पूछते हैं इस पर गुरु वशिष्ठ कहते हैं

 

 

 

हे राजन आपके माता-पिता जन्म से अंधे नहीं है आप उन्हें चार धाम की यात्रा कराओ तो आपके माता-पिता की आंखों की रोशनी वापस आ जाएगी इतना सुनते ही श्रवण कुमार अपने माता पिता को एक कावड़ बनाकर दोनों को कावड़ में बैठा कर अपने कंधे पर रखकर चार धाम की यात्रा करवाते है यात्रा के दौरान अचानक प्यास लगती है श्रवण कुमार एक घड़ा लेकर सरयू नदी के किनारे जाता है जहां पर पहले से ही शिकार करने के लिए बैठा दशरथ अचानक पानी में जानवर के होने की आहट सुनकर तीर चला देता है तीर जाकर सीधा श्रवण कुमार को लगता है इंसान की आवाज सुनकर दशरथ दौड़ पड़ते हैं श्रवण कुमार दशरथ को बताते हैं कि मैं अपने माता-पिता की इच्छा पूरा करने के लिए उन्हें चार धाम की यात्रा पर ले जा रहा था शायद मेरा सपना अधूरा रह जाएगा

 

 राजा दशरथ श्रवण कुमार के माता पिता के पास जाते हैं और उन्हें सारा वृतांत सुनाते हैं जिसे सुन श्रवण कुमार के माता पिता रो पढ़ते हैं राजा दशरथ अपनी गलती की क्षमा मांगते हैं जिस पर श्रवण कुमार के अंधे माता पिता राजा दशरथ को श्राप दे देते हैं और कहते हैं जिस तरह आज हम अपने पुत्र के वियोग में तड़प रहे हैं उसी तरह तुम भी अपने पुत्र के वियोग में यूं ही तड़पोगे और इतना कहते ही श्रवण कुमार के माता पिता भी पुत्र वियोग में तड़प तड़प कर अपने प्राण न्यौछावर कर देते हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

इस अवसर पर मुख्य रूप से श्री विनोद कुमार शर्मा, श्री विजय कुमार शर्मा मास्टर जी, कमेटी अध्यक्ष श्री मोहनलाल चावला ,तनुज कुमार सभासद ,जगरोशन कश्यप, प्रतीक जैन ,राहुल पटवारी, विशाल शर्मा ,आशीष सैनी ,बृजेश शर्मा, जय श्री मोहन ,संजय गोयल ,गुलशन खन्ना, बीके सिन्हा, पवन प्रजापति ,ललित शर्मा ,निधीश मित्तल ,चौधरी रणबीर गुर्जर ,डॉ रणवीर सिंह वर्मा, राहुल सैनी ,मांगेराम सैनी सहित आदि कार्यकर्ता व श्रद्धालु गण मौजूद रहे

 

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