December 9, 2022

उत्तरकाशी : 6 माह के लिए खुले विश्व प्रसिद्ध डोडीताल में माँ अन्नपूर्णा के कपाट

  • INDIA 121 # उत्तरकाशी

विश्व प्रसिद्ध डोडीताल में बुधवार को माँ अन्नपूर्णा के कपाट 6 माह के लिए विधिविधान से खोले गए। माँ अन्नपूर्णा की मूर्ति और देवडोली 6 माह तक यहाँ पर निवास करेगी। मंगलवार को अगोड़ा गांव में अस्सी गंगा घाटी के 7 गांव के लोग एकत्रित हुए। सभी ग्रामीण अन्नपूर्णा माता को विदा करने के अलग अलग प्रकार के स्थानीय पकवान साथ में लाये। जिसे गढ़वाली बोली में ‘कंडा’ कहा जाता है। अगोड़ा गांव के नाग देवता मंदिर प्रांगण में अन्नपूर्णा की देवडोली तैयार की गयी और भगवान् नाग देवता,सर्पनाथ की अनुमति के साथ ही सेकड़ो लोग माँ को विदा करने के लिए बांज-बुरांश के पेड़ों से लदे रास्ते पर निकल पड़े। माँ अन्नपूर्णा भगवान् नाग देवता की डोली के साथ मंगलवार रात को डोडीताल पहुंची। उसके बाद बुधवार सुबह विधिविधान के साथ शुभ मुहूर्त में 8 बजकर 15 मिनिट पर माँ अन्नपूर्णा के मंदिर के कपाट खोले गए। जहाँ पर श्रद्धालुओं ने माँ अन्नपूर्णा का आशीर्वाद लिया। वही डोडीताल में स्न्नान कर पूण्य अर्जित किया। अब माँ अन्नपूर्णा नवम्बर माह तक यहाँ पर दर्शन देंगी। हर साल सेकड़ो लोग माँ के दर्शन के लिए डोडीताल पहुचते है।
डोडीताल धाम की विशेषता :  डोडीताल में माँ अन्नपूर्णा की पूजा खंडूड़ी जाती के ब्राह्मण करते है। डोडीताल में पुराणों के अनुसार भगवान् गणेश का जन्म यही पर हुआ था। इसलीए पार्वती का स्वरुप यहाँ पर माँ अन्नपूर्णा के रूप में यहाँ पर विराजमान है। माँ अन्नपूर्णा की सचे मन से भक्ति करने पर सुख समृद्धि मिलती है। पुराणों के अनुसार एक बार भगवान् शिव को उत्तर की काशी उत्तरकाशी में अन्न का अकाल हो गया था। तो उन्होंने माँ अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी। कहा था कि जो भी तुम्हरी भक्ति करेगा,उसे कभी अन्न की कमी नहीं होगी। डोडीताल धाम के साथ पर्यटक स्थल। डोडीताल धाम यहाँ पर स्थित झील के कारण पर्यटक स्थल भी है। यहाँ पर देश विदेश के सेकड़ो पर्यटक प्रतिवर्ष पहुचते हैं। डोडीताल विश्व प्रसिद्ध ट्रैक रूट भी है। इसकी दुरी जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी है। जिसमे संगमचट्टी तक 15 किमी सड़क मार्ग और उसके बाद अगोड़ा सहित दासड़ा गांव होते हुए 25 किमी का डोडीताल तक का ट्रैक है। वही डोडीताल से यमुनोत्री धाम के लिए पैदल 18 किमी का ट्रैक है ।
जो की हनुमानचट्टी निकलता है। इस ट्रैक पर अगोड़ा सहित गजोली,दासड़ा,डंडालकागांव के युवा ट्रैकिंग के माध्यम से रोजगार करते है। डोडीताल की ऊंचाई समुद्रतल से 3024 मीटर है। स्थानीय लोगों की माने तो डोडीताल झील की गहराई आज तक कई प्रयासों के बाद भी नहीं नापी गयी है। इस ट्रैक रूट में प्रकृति की अद्भुत सौन्दर्य है। वही यहाँ पर रुकने के लिए अगोड़ा में गेस्ट हाउस हैं। साथ ही डोडीताल में टेंट और वन विभाग के गेस्ट हाउस की व्यवस्था है।