May 21, 2022

Exclusive उत्तरकाशी : घेरबाड़ के कार्य के दौरान जागा पंचायत राज, जमीन खुदी तो बाहर निकल आई दुकानें व कार्यशाला

  • संतोष साह

 

पंचायत राज विभाग के अफसरान सोए रहे हों या फिर विभाग की बड़ी लापरवाही माने यहाँ उत्तरकाशी के मनेरा में यदि जल विद्युत निगम द्वारा अपनी सुरक्षित शेष बची जमीन की घेरबाड़ का कार्य न होता तो पंचायत राज विभाग की सालों पूर्व बनी दुकानें और कार्यशाला जमीन के अंदर ही दबी रह जाती। तकरीबन वर्ष 2000 के दौरान पंचायत राज विभाग द्वारा मनेरा में विभागीय बजट लगाकर दुकानों व कार्यशाला का निर्माण किया था। जिसके बाद विभाग ने इस भवन की सुध नहीं ली और न ही यहाँ दुकानों व कार्यशाला आदि का संचालन कराया। कुछ जनप्रतिनिधियों ने तो इस भवन के निर्माण के पीछे बजट को ठिकाने लगाने और विभाग का एक नमूना खड़ा किये जाने की बात से भी इंकार नहीं किया है। सबसे बड़ा सवाल की जब मनेरा बाईपास का निर्माण हुआ और सड़क की ऊंचाई बड़ी उस दौरान भी विभाग ने अपने इस भवन को बचाने की भी सुध नहीं ली जिसका अब विभाग हवाला दे रहा है कि सड़क की ऊंचाई बढ़ने से भवन सतह पर आ गया।

इस बीच मनेरा मे जल विद्युत निगम अपनी जमीन में कोई इंक्रोचमेंट न हो इसे देखते हुए घेरबाड़ में फेंनसी यानि जाले खड़े कर रहा है। इसी कार्य के दौरान जिला पंचायत राज का उक्त भवन भी नजर आया। जिसके बाद पंचायत राज ने भवन में भरे मलवे को खाली कर भवन की छत पर अपना भवन होने का साइन बोर्ड लिख डाला।

 

उधर उक्त भवन के बारे में जब जिला पंचायत राज अधिकारी सी.पी.सुयाल से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि पूर्व में 2019 में यहाँ तैनाती के दौरान उक्त भवन के सड़क निर्माण से दबे होने की जानकारी के साथ ही इसे दुरस्त किये जाने को लेकर प्रशासन को आख्या भेजी थी और एक बार फिर वर्तमान में उक्त भवन को लेकर विभागीय स्तर से फ़ाइल तैयार की जा रही है। यह पूछे जाने पर की पिछले 15 वर्ष से अधिक समय से क्या विभाग के अफसरों को यह जानकारी नहीं थी जवाब में वे कुछ नहीं बोले।

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