December 9, 2022

गलत खानपान से बढ़ रही गठिया की बीमारी : डॉ जोशी

  • हरीश थपलियाल / उत्तरकाशी

30 वर्ष की उम्र के बाद अक्सर लोगों को गठिया और उसमें दर्द व सूजन की शिकायत होने लगती है। और गलत खानपान से यह तकलीफ बढ़ भी सकती है। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर भी इस तरह की समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं।
इसके बारे में प्रांतीय चिकित्सा संघ के अध्यक्ष और मुख्याचिकित्साधिकारी डॉ डीपी जोशी बताते हैं, “ यूरिक एसिड, प्यूरिन के टूटने से बनता है जो खून के माध्यम से बहता हुआ किडनी तक पहुंचता है। यूरिक एसिड, शरीर से बाहर, पेशाब के रूप में निकल जाता है। लेकिन, कभी – कभार यूरीक एसिड शरीर में ही रह जाता है और इसकी मात्रा बढ़ने लगती है। ऐसा होना शरीर के लिए घातक होता है।”
कार्बन, हाईड्रोजन, आक्सीजन और नाईट्रोजन तत्वों से बना यह यौगिक जो कि शरीर को प्रोटीन से एमिनोअम्ल के रूप मे प्राप्त होता है। यह आयनों और लवण के रूप मे यूरेट और एसिड यूरेट जैसे अमोनियम एसिड यूरेट के रूप में शरीर मे उपलब्ध है। प्रोटीन एमिनो एसिड के संयोजन से बना होता है। पाचन की प्रक्रिया के दौरान जब प्रोटीन टूटता है तो शरीर में यूरिक एसिड बनता है जब शरीर मे प्यूरीन न्यूक्लिओटाइडों टूट जाती है तब भी यूरिक एसिड बनता है।
क्या होता है यूरिक अम्ल
कार्बन, हाईड्रोजन, आक्सीजन और नाईट्रोजन तत्वों से बना यह यौगिक जो कि शरीर को प्रोटीन से एमिनोअम्ल के रूप मे प्राप्त होता है। यह आयनों और लवण के रूप मे यूरेट और एसिड यूरेट जैसे अमोनियम एसिड यूरेट के रूप में शरीर मे उपलब्ध है। प्रोटीन एमिनो एसिड के संयोजन से बना होता है। पाचन की प्रक्रिया के दौरान जब प्रोटीन टूटता है तो शरीर में यूरिक एसिड बनता है जब शरीर मे प्यूरीन न्यूक्लिओटाइडों टूट जाती है तब भी यूरिक एसिड बनता है।
यूरिक एसिड बढ़ने के कारण
भोजन के रूप मे लिए जाने वाले प्रोटीन प्युरीन और साथ मे उच्च मात्रा मे शर्करा का लिया जाना रक्त मे यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ाता है।
कई लोगों मे वंशानुगत कारणों को भी यूरिक एसिड के ऊंचे स्तर के लिए जिम्मेवार माना गया है।
गुर्दे द्वारा सीरम यूरिक एसिड के कम उत्सर्जन के कारण भी इसका स्तर रक्त मे बढ़ जाता है।
उपवास या तेजी से वजन घटाने की प्रक्रिया मे भी अस्थायी रूप से यूरिक एसिड का स्तर आश्चर्यजनक स्तर तक वृद्धि कर जाता हैं।
रक्त आयरन की अधिकता भी यूरेट स्तर को बढ़ाती है जिस पर आयरन त्याग यानी रक्तदान से नियंत्रण किया जा सकता है।
पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं या डायबिटीज़ की दवाओं के प्रयोग से भी यूरिक ऐसिड बढ़ सकता है।
रेड मीट(लाल रंग के मांस), सी फूड, रेड वाइन, दाल, राजमा, मशरूम, गोभी, टमाटर, पालक, मटर,पनीर,भिन्डी,अरबी,चावलआदि के अधिक मात्रा में सेवन से भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है।
लक्षण
पैर और हाथों की उंगलियों अंगूठों के जोड़ो में हल्की हल्की चुभन जैसा दर्द, पैरों की उंगलियों, टखनों और घुटनों में दर्द हो तो इसे मामूली थकान की वजह से होने वाला दर्द समझ कर अनदेखा न करें यह आपके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का लक्षण हो सकता है।
उपाय
अगर शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा लगातार बढ़ती है तो आपको भरपूर फाइबर वाले भोजन खाने चाहिए। दलिया, पालक, ब्रोकली आदि के सेवन से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा नियंत्रित हो जाती है।
अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीया जाए, इससे रक्त में मौजूद अतिरिक्त यूरिक एसिड मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है।
यदि दर्द बहुत ज्यादा है तो दर्द वाले स्थान पर बर्फ को कपड़े में लपेट कर सिंकाई करने से फायदा होता है।
खान-पान की आदत बदलें शरीर में जमा अतिरिक्त यूरिक एसिड को उदासीन करने के लिए खानपान में क्षारीय पदार्थों की मात्रा को बढ़ाना चाहिए। फलों, हरी सब्जियों, मूली का जूस, दूध, बिना पॉलिश किए गए अनाज इत्यादि में अल्कली की मात्रा अधिक होती है।
शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कम करने के लिए हर दिन 500 मिलीग्राम विटामन सी लें। एक दो महीने में यूरिक एसिड काफी कम हो जाएगा।
जैतून के तेल में बना हुआ भोजन, शरीर के लिए लाभदायक होता है। इसमें विटामिन ई भरपूर मात्रा में होता है जो खाने को पोषक तत्वों से भरपूर बनाता है और यूरिक एसिड को कम करता है।
अजवाइन के बीज का अर्क भी गठिया और यूरिक एसिड की समस्या का यह एक प्रसिद्ध प्राकृतिक उपचार है। अजवाइन के बीज का इस्तेमाल गठिया रोग के उपचार में लंबे समय से किया जाता रहा है। अजवाइन में दर्द को कम करने, एंटीऑक्सीडेंट और डाइयूरेटिक गुण पाया जाता है। साथ ही इसे यूरेनरी एंटीसेप्टिक भी माना जाता है।
पानी की भरपूर मात्रा से शरीर के कई विकार आसानी से दूर हो जाते है। दिन में कम से कम दो से तीन लीटर पानी का सेवन करें। पानी की पर्याप्त मात्रा से शरीर का यूरिक एसिड पेशाब के रास्ते से बाहर निकल जाएगा। थोड़ी – थोड़ी देर में पानी को जरूर पीते रहें।
हर दिन ली जाने खुराक में कम से कम 500 ग्राम विटामिन सी जरूर लें। विटामिन सी, हाई यूरिक एसिड को कम करने में सहायक होता है और यूरिक एसिड को पेशाब के रास्ते निकलने में भी मदद करता है। यकृत की शुद्धि के लिए नींबू अक्सीर है। नींबू का साईट्रिक ऐसिड भी यूरिक एसिड का नाश करता है।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन लें। लाल शिमला मिर्च, टमाटर, ब्लूबेरी, ब्रोकली और अंगूर एंटीऑक्सीडेंट विटामिन का बड़ा स्रोत है। एंटीऑक्सीडेंट विटामिन फ्री रेडिकल्स अणुओं को शरीर के अंग और मसल टिशू पर आक्रमण करने से रोकता है, जिससे यूरिक एसिड का स्तर कम होता है।