December 5, 2022

नदियों का संरक्षण एवं पुर्नजीवन थीम के साथ मनाया जायेगा हरेला

हरेला पर्व के अवसर पर राज्य में प्रतिवर्ष पूर्वकाल से ही बृहद स्तर पर वृक्षारोपण का अभियान चलाया जाता रहा है। उत्तराखंड शासन द्वारा इस वर्ष हरेला पर्व 16 जुलाई से 15 अगस्त 2017 के बीच  हरेला पर्व का अयोजन करते हुए सम्पूर्ण जनपद स्तर पर विभागीय, स्थानीय जनसहभागिता विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों सरकारी एवं निजी विद्यालयों, विभिन्न संगठनों आदि के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया है साथ ही उक्त पर्व पर प्रत्येक जनपद में एक नदी/गाढ़ गधेरों का संरक्षण तथा उसको पुर्नजीवित करने का निर्णय लेते हुए इस वर्ष हरेला पर्व की थीम नदियों का संरक्षण एवं पुर्नजीवन रखा गया है।
उक्त अभियान के संबंध में बुधवार 12 जुलाई को जिला कार्यालय सभाागार में जिलाधिकारी सी0 रविशंकर द्वारा जनपद के विभिन्न विभागों, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, स्वंय सेवी संगठनों के प्रतिनिधियों, निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उक्त अभियान को सफल बनाये जाने हेतु विचार विमर्श करते हुए आगंतुकों से सुझाव लिये गये।
बैठक में उपस्थित सभी के द्वारा जिला मुख्यालय के रई गधेरे जिसका पुरातन नाम यक्षवती है उसके नाम से पुनः इसका नाम रखे जाने का सुझाव रखा गया तथा बैठक में यह भी सुझाव आया कि उक्त यक्षवती नदी को पुर्नजीवित करने हेतु एक अभियान प्रारम्भ किया जायेगा। उक्त संबंध मंे निर्णय लिया गया कि उक्त यक्षवती नदी को मूल श्रोत से लेकर समाप्ति तक इसके पुर्नजीवित, इसकी साफ-सफाई व उक्त क्षेत्र में पौधारोपण का कार्य और इसके पुर्नजीवित करने हेतु आवश्यकीय कार्य करने पर सहमति बनी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 16 जुलाई से प्रारम्भ हो रहे उक्त अभियान से पूर्व स्थानीय निवासियों के साथ भी एक बैठक आयोजित कर उन्हें भी उक्त अभियान में शामिल किया जायेगा।
बैठक में जिलाधिकारी सी0 रविशंकर ने कहा कि यक्षवती नदी को संरक्षित एवं पुर्नजीवित करने हेतु सर्वप्रथम स्थानीय लोगों की भागीदारी की अत्यन्त आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि उक्त नदी को पुर्नजीवित करने की जिम्मेदारी हमारे द्वारा पूर्व से ली गयी है इस अभियान को सफल बनाये जाने हेतु सभी का सहयोग सुझाव एवं स्थानीय लोगों की भागीदारी अत्यन्त आवश्यकीय है तभी हम इसमें सफल हेा पायेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि इस नदी को पुर्नजीवित करने हेतु विशेष रूप से क्षेत्र के गांवों के ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, वार्ड मेम्बरों, गणमान्य नागरिकों व अन्य जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक जिलास्तरीय समिति का बनायी जा रही है जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्कूलों, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल किये जायेंगे।
बैठक में सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि यक्षवती नदी को विभिन्न जोन में बांटा जायेगा एक जोन में एक जनप्रतिनिधि, एक क्षेत्र में तैनात सरकारी संस्था तथा एक विभागीय अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जायेगा। नदी के श्रोत से लेकर अंत तक सफाई अभियान भी चलाया जायेगा।
इसके अतिरिक्त बैठक में एक माह तक चलने वाले बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाये जाने हेतु एक जनपदस्तरीय कमेटी का गठन किया जायेगा जिसमेें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जायेगा, पौधे उपलब्ध कराये जाने का कार्य प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा किया जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यक्षवती नदी के संरक्षण एवं पुर्नरीक्षण के कार्य हेतु 13 एवं 14 जुलाई को क्षेत्र में बैठक करने के पश्चात् 15 जुलाई को उक्त क्षेत्रान्तर्गत जो भी कार्य किये जाने होंगे उक्त संबंध में योजना को अंतिम रूप दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त बैठक में यह भी तय किया गया कि 13 जुलाई तक विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा क्षेत्र का भ्रमण कर किये जाने वाले कार्यों आदि के बारे में एक रिर्पोट तैयार कर उन्हें उपलब्ध करायेंगे।
बैठक में पूर्व दर्जा राज्यमंत्री महेन्द्र सिंह लुंठी द्वारा सुझाव दिया गया कि रई, पुनेड़ी, सिलपाटा, मड़गल, तड़ीगांव, पंडा, धनौड़ा, मौखोलीगांव आदि क्षेत्र के सभी गांवों के लोगों को भी उक्त कार्य में सम्मीलित करते हुए स्थानीय जनता की सहभागिता ली जाय जिससे उक्त अभियान को निर्धारित समय पर सफल बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त हरेला संस्था के मनु डफाली, हिमाल संस्था के मोहन कापड़ी आदि के द्वारा भी विभिन्न सुझाव देने के साथ ही पौधों की सुरक्षा आदि के उपायों के संबंध में अपने विचार व्यक्त किये गये। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी विनय भार्गव ने कहा कि वन विभाग द्वारा उक्त अभियान के अंतर्गत जितने भी पौधों की आवश्यकता होगी उपलब्ध कराये जाने के साथ ही इस अभियान को सफल बनाये जाने हेतु विभागीय द्वारा अपनी पूर्ण सहभागिता उपलब्ध करायी जायेगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी मुहम्मद नासिर, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री महेन्द्र सिंह लुंठी, मा0 जनपद प्रभारी के प्रतिनिधि गोपू महर, मा0 संासद प्रतिनिधि रमेश भंडारी, उपजिलाधिकारी सदर एस0के0पाण्डेय, हरेला संस्था के मनु डफाली, निजी विद्यायल एसोसिएशन के नवीन कोठारी, मनोज जोशी, दिव्य ज्योति जगृति संस्थान के प्रतिनिधि समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, सेना के पर्यावरण वाहिनी के प्रतिनिधि, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।