November 26, 2022

हिंदुस्तान की अंतिम दुकान


सुरेन्द्र अवस्थी
उत्तरकाशी
भारत के अंतिम स्थान पर होना ही स्वयं अपने आप मे ही एक विशेष गर्व की बात होती है आज हम बात कर रहे है हिंदुस्तान की आखरी दुकान की। बद्रीनाथ धाम से तीन किलोमीटर आगे माना गांव (मणिभद्रपुरम) हिन्दुस्तान की आखिरी चाय की दुकान है। इसके बाद समूचे इलाके में गश्त करते हुए फौजी ही फौजी नजर आते हैं। यहां से कुछ दूरी पर ही भारत और चीन की सीमा शुरू हो जाती है। बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने वाले ज्यादातर लोग हिन्दुस्तान की आखिरी दुकान तक जाते हैं। पिछले 25 साल से यह दुकान है, हालांकि अब चाय के अलावा अन्य खाद्य वस्तुएं भी पैकेट में मिल जाती है। साल में छह महीने यह दुकान खुलती है।
इस आखिरी दुकान की और भी खासियत है। इसके बांयी ओर मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर है और दांयी ओर सरस्वती नदी का उद्गम स्थल।
बताया जाता है कि सरस्वती नदी की शुरूआत यहीं से हुई थी। यहां से लोग इस नदी का पानी भरकर अपने साथ लेकर जाते हैं। चूंकि चीन सीमा के नजदीक होने के कारण पहाड़ के एक ओर से झरने के रूप में पानी आता है, इसे मानसरोवर झील का जल मानकर भी लोग अपने साथ ले जाते हैं।
हिंदुस्तान के बड़े बड़े मॉल ओर बिग बाजारों मैं अगर आप घूम गए हो तो एक बार हिंदुस्तान की आखरी दुकान पर जरूर पहुँचे।