December 5, 2022

बाहुबली -2 !! क्रिएटिविटी के नए आयाम स्थापित कर भारतीय सिनेमा में मील का पत्थर साबित होगी

  • वरिष्ठ पत्रकार : अश्वनी वर्मा जी की कलम से…

बचपन में कॉमिक्स पढ़ कर हमारे मन में हीरो और उसके संघर्ष की जो फिल्म चलती थी उसे अब तक मैंने सिनेमा में लगभग मिस किया. बाहुबली -2 को देख कर मुझे वही रोमांच प्राप्त हुआ जो कभी कॉमिक्स पढ़ कर होता था. जबर्दस्त CG (कंप्यूटर ग्राफ़िक्स) और VFx के साथ साथ बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी ने मेरी रचनात्मक अभीप्सा को वैसी ही संतुष्टि दी जैसे किसी की अंतिम इच्छा पूरी होने पर होती होगी. पिछले लगभग 10 साल से 3D animation, visual effects, rotoscope, के हर प्रयोग को समझने और उसे दोहराने की इच्छा ने मेरे अंदर कई बार उथल पुथल मचाई और कई बार बड़े बड़े बैनर के तले बनी फिल्मों में निचले दर्जे के VFx देख कर बड़ा दुःख भी हुआ. बाहुबली-2 में वो सब कुछ है जो motion animation के फील्ड के पाठ्यक्रम में रखा जाता है. कहानी से मेरा लगाव नहीं है. इसलिए जो लिख रहा हूँ वो मेरी कंप्यूटर ग्राफ़िक्स की रूचि और इस विषय के विद्यार्थी होने के नाते ही है.
फिल्म का बहुत सा हिस्सा वाइड एंगल दृश्यों में मैट पेंटिंग (Matt Painting) के और 3D Models के बेहतरीन texturing के साथ साथ particle और दुसरे कई एलिमेंट्स की शानदार कम्पोजीशनस से भरा है. 3D Models को शानदार और सजीव बनाया गया है. सभी (लगभग) जानवर (हाथी, बैल, सूअर) भी 3D मॉडल हैं और उनके animation शानदार हैं, यहाँ यह भी कहना जरूरी है कि उनकी rigging भी काबिले तारीफ रही है. जयादातर Backdrop के लिए भी कंप्यूटर ग्राफ़िक्स का बेतहाशा और उम्दा इस्तेमाल है. कहीं कहीं कैमरा और आंख की क़ाबलियत से परे जाकर डिटेल्स को रखा गया है जो कभी कभी इसे बनावटी बनाता है. बड़े बड़े सेट और महल अवश्य ही CG हैं और आपको लगेंगे भी. एक दो गीतों को छोड़ कर कही भी फिल्म में सम्भावना से परे जाकर ‘मायावी’ होने की कोशिश नहीं की गई, यह बात मुझे अच्छी लगी.
हम में से ज्यादातर लोग आज chroma keying से वाकिफ हैं लेकिन 2-3 फाइट के सीन को छोड़ कर कहीं भी chroma keying का पता नहीं चलता हाँ जरुरत के हिसाब से guess किया जा सकता है. cinematography इतनी शानदार है कि बहुत से दृश्य आपके ज़हन में छप जायेंगे. आपने बहुत से ऐसे sequence दूसरी फिल्मों में भी देखे होंगे लेकिन बाहुबली-2 आपको पिछले सारे अनुभव भुला देगी. भल्लाल देव और बाहुबली के बीच फिल्म के आखिर में फिल्माई की फाइट हर लिहाज़ से शानदार है. आपको रोमांचित करने के लिए कैमरा एंगल्स के साथ साथ स्लो मोशन का ऐसा इस्तेमाल है कि आप पर्दे से पार जाकर फिल्म में जुड़ जायेंगे. और यहीं मैंने सोचा कि काश यह फिल्म 3D में होती. अगर ऐसा होता तो आप सीट से उठ कर भाग जाते.
फिल्म लिखने और स्क्रिप्ट पर मुझे कोई कमेंट नहीं करना चाहिए लेकिन हाँ तारीफ करने के लिए मैं बाध्य हूँ. बहुत से हिस्सों में स्क्रीन प्ले को बहुत बारीकी से सोच कर लिखा गया है. इसमें एक बात जरुरी रूप से मान ली जानी चाहिए कि डायरेक्टर, स्टोरी राइटर, स्क्रीन प्ले राइटर (शायद एक ही व्यक्ति है) को VFx और CG की बेहतरीन जानकारी होगी या फिर VFx टीम ने कह दिया होगा की जो चाहे लिख दो हम सम्भव कर देंगे. कई जगह केवल CG को हाईलाइट किया गया है जो बड़ी स्क्रीन पर बहुत अच्छा लगता है.
यह फिल्म विसुअल इफेक्ट्स और बेहतरीन cinematography के याद रखी जाएगी. जब इस फील्ड के प्रोफेशनलस इसे देखेंगे तो आने वाली फिल्मों का स्टैण्डर्ड भी बढ़ेगा यह इस फिल्म का भारतीय सिनेमा को योगदान होगा.

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