December 8, 2022

उत्त्तरकाशी : पौराणिक माघ मेले में मंडरा रहा कूड़े का खतरा

  • उत्त्तरकाशी

जिला उत्त्तरकाशी के पौराणिक माघ मेले पर इस साल कूड़े का खतरा मंडरा रहा है। माघ मेला उतरकाशी की शान रहा है जो सदियों से चलता आ रहा है आपको बता दें कि इसको पहले बड़ाहाट के थौलू के नाम से जानते थे, उसके बाद इसका आयोजन जिला पंचायत करवाने लगी और इसको माघ मेले के नाम से भी पहचान मिली । मेले की ख़ास बात यह रही की मेला सदियों से आजाद मैदान जो आज रामलीला मैदान है वहीँ आयोजित होता आया है। लेकिन इस साल् मेले के तैयारी कूड़े पर अटक गई है।

उत्त्तरकाशी में कूड़ा डंप करने के लिए प्रसाशन जगह ढूंढ रहा है लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। आजाद मैदान जो अब रामलीला मैदान है इसने ये बोझ भी अपने पर लिया और पिछले दो महीनों से ये मैदान कूड़े के बोझ को झेल रहा है जिससे अब मैदान के खुद के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है।

14 जनवरी से मेले ने शुरू होना है लेकिन अभी हलचल कुछ भी नहीं सिर्फ बाजर में कूड़े पर चर्चा है। अब देखना यह होगा कि कब ये कूड़ा हटेगा और हटेगा तो कहाँ जाएगा ? और कब लोगों की मेले पर लगी उम्मीद जागेगी।