डॉ रणवीर सिंह वर्मा, सनसनी सुराग न्यूज जनपद शामली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गंगेरू मण्डल के द्वारा गुर्जर चौपाल गुजरान पट्टी में नव संवत्सर वर्ष प्रतिपदा 2083 का उत्सव बड़े ही उत्साह और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों, नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कारवाह शामली दिवाकर जी भाई साहब ने भारतीय नववर्ष के सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि सृष्टि के प्रथम स्पंदन और नवचेतना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि बसंत ऋतु में प्रकृति के नवजीवन के साथ आरंभ होने वाला यह नववर्ष हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने आगे कहा कि नव संवत्सर के साथ प्रारंभ होने वाली चैत्र नवरात्रि आत्मशुद्धि, साधना और शक्ति जागरण का पावन अवसर है। भारतीय परंपराएं केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और स्वास्थ्यवर्धक भी हैं, जिनमें योग, आयुर्वेद और सात्त्विक जीवनशैली का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने वर्ष प्रतिपदा के पावन दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक, परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को ‘आद्य सरसंघचालक प्रणाम’ निवेदित किया। ज्ञात हो यह संघ का प्रमुख वार्षिक उत्सव है, जिसमें स्वयंसेवक ने एकत्रित होकर भारत माता के इस महान सपूत को स्मरण करते हैं और राष्ट्रभक्ति, अनुशासन एवं सेवा का संकल्प लेते हैं।
गंगेरू के बाल स्वयंसेवकों ने मौहल्ले वासियो के सहित गांववासियों को तिलक लगाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी बाबा करण सिंह चौहान जी ने की!!!
