- डॉ रणवीर सिंह वर्मा / सनसनी सुराग न्यूज जनपद शामली
श्री राम शाखा
संघ स्थान राजकीय पशु चिकित्सालय का प्रांगण। आज श्री राम शाखा कांधला में नववर्ष का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
सर्वप्रथम सह नगर मंडल कार्यवाह श्रीमान नवनीत जी ने लिया और ध्वज लगाया गया।तत्पश्चात खंड सह व्यवस्था प्रमुख श्रीमान नीरज जी ने गण गीत सुनकर कार्यक्रम की रूपरेखा को आगे बढ़ाया। उन्होंने जो गीत सुनाया उसकी बोल हैं।
इसके पश्चात खंड शारीरिक प्रमुख श्रीमान विजय जी ने एकल गीत सुनकर सभी को जड़वतकर दिया।
जीवन मे कुछ करना है तो
जीवन मे कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो । आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ।।
चलने वाला मंजिल पाता, बैठा पीछे रहता है। ठहरा पानी सड़ने लगता, बहता निर्मल होता है ।। पांव मिले चलने की खातिर, पांव पसारे मत बैठो । आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ।।
तेज दौडने वाला खरहा, दो पल चल कर हार गया । धीरे-धीरे चल कर कछुआ, देखो बाजी मार गया ।। चलो कदम से कदम मिला कर, दूर किनारे मत बैठो । आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ।।
धरती चलती, तारे चलते, चांद रात भर चलता है । किरणों का उपहार बांटने, सूरज रोज निकलता है ।। हवा चले तो खुशबू बिखरे, तुम भी प्यारे मत बैठो । आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ।।
जीवन मे कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो । आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो ।।
उठो जवानो हम भारत के स्वाभी मान सरताज़ है अभिमन्यु के रथ का पहिया, चक्रव्यूह की मार है
चमके कि ज्यों दिनकर चमका है उठे कि ज्यो तूफान उठे चले चाल मस्ताने गज सी हँसे कि विपदा भाग उठे हम भारत की तरुणाई है माता की गलहार है अभिमन्यु के रथ का पहिया….
खेल कबड्डी कहकर पाले में न घुस पाये दुश्मन प्रतिद्वंदी से ताल ठोक कर कहो भाग जाओ दुश्मन मान जीजा के वीर शिवा हम राणा के अवतार है अभिमन्यु के रथ का पहिया….
गुरु पूजा में एकलव्य हम बैरागी के बाण है लव कुश की हम प्रखर साधना शकुंतला के प्राण है चन्द्रगुप्त की दिग्विजयों के हम ही खेवनहार है अभिमन्यु के रथ का पहिया….
गोरा, बादल, जयमल, फत्ता, भगत सिंह, सुखदेव, आज़ाद केशव की हम ध्येय साधना माधव बन होती आवाज़ आज नहीं तो कल भारत के हम ही पहरेदार है अभिमन्यु के रथ का पहिया….
उठो जवानो हम भारत के स्वाभी मान सरताज़ है अभिमन्यु के रथ का पहिया, चक्रव्यूह की मार है

गीतों की श्रृंखला के पश्चात मुख्य अतिथि श्रीमान एडवोकेट जी ने विस्तार पूर्वक बताया संघ वर्ष में कौन-कौन से त्योहार प्रमुखता से मनाता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान रविंद्र जी धर्म जागरण के विभाग सहसंयोजक ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष में कुछ त्योहार विशेष रूप से मनाता है जिसमें नव वर्ष का त्योहार विशेष रूप से मनाया जाता है इसी दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संचालक माननीय केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्म दिवस भी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जो विशेष रूप से मनाता है वे है
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) छह प्रमुख त्योहार मनाता है, जो हैं
-वर्ष प्रतिपदा
यह हिंदू नव वर्ष का पहला दिन है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। इस दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी और भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ था।
हिंदू साम्राज्य दिवस*: यह दिन छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक की याद में मनाया जाता है, जो 1674 ईस्वी में हुआ था।
-गुरु पूर्णिमा
यह दिन गुरु को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है, जो आषाढ़ पूर्णिमा को पड़ता है।
रक्षाबंधनयह
भाई-बहन के प्यार का त्योहार है, जो श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है।
विजयादशमी
यह दिन आरएसएस की स्थापना की याद में मनाया जाता है, जो 1925 में हुआ था।
मकर संक्रांति
यह दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने की याद में मनाया जाता है, जो जनवरी में पड़ता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कई उद्देश्य हैं, जिनमें से कुटुंब प्रबोधन एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कुटुंब प्रबोधन का उद्देश्य परिवारों को मजबूत बनाना और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, आरएसएस के अन्य उद्देश्य हैं
सामाजिक समरसता
समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा देना।-
पर्यावरण संरक्षणपर्यावरण की रक्षा और संरक्षण करना।-
स्वदेशी जीवनशैली: स्वदेशी उत्पादों और जीवनशैली को बढ़ावा देना।-
नागरिक कर्तव्य: नागरिकों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना।-
*ग्राम विकास*: ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर ध्यान केंद्रित करना।- *गौसेवा*: गौवंश की रक्षा और सेवा करना।
*धर्म जागरण*: धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
आरएसएस का उद्देश्य समाज को मजबूत और एकजुट बनाना है, और इसके लिए वे विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं
सामाजिक समरसता
समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा देना।-
पर्यावरण संरक्षणपर्यावरण की रक्षा और संरक्षण करना।-
स्वदेशी जीवनशैली: स्वदेशी उत्पादों और जीवनशैली को बढ़ावा देना।-
नागरिक कर्तव्य: नागरिकों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना।-
*ग्राम विकास*: ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर ध्यान केंद्रित करना।- *गौसेवा*: गौवंश की रक्षा और सेवा करना।
*धर्म जागरण*: धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
आरएसएस का उद्देश्य समाज को मजबूत और एकजुट बनाना है, और इसके लिए वे विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं
कार्यक्रम के उपरांत सभी को फल एवं मिष्ठान का प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ सयंसेवक सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमान विष्णु प्रसाद अग्रवाल जी ने की। उन्होंने कहा कि भारत सस्य श्यामला का देश है यहां वर्ष में अनेक त्यौहार मनाए जाते हैं जिनमें नव वर्ष का त्यौहर मुख्य रूप से मनाया जाता है। इन दिनों में पतझड़ के पश्चात वृक्ष हरियाली के साथ खड़े हो जाते है।
मंच संचालन सह खंड व्यवस्था प्रमुख श्रीमान नीरज जी ने की।
अमृत वचन नगर मंडल कार्यवाह श्रीमान अंकित जी ने सुनाया
तिलक व्यवस्था स्वयं सेवक श्रीमान राजकुमार जी ने की।
