August 18, 2022

निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही साथ कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान दें : रावत

जिला योजना अन्तर्गत स्वीकृत धनराशि से निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही साथ कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना होगा इस सम्बन्ध में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी। यह बात जनपद के प्रभारी मंत्री एवं मा0 उच्च शिक्षा, सहकारिता राज्य मंत्री डा0 धन सिंह रावत ने विकास भवन में जिला योजना वर्ष 2017-18 का परिव्यय 5249.13 लाख रू0 (52 करोड़ उनपचास लाख तेरह हजार रू0) अनुमोदन करने के बाद में कही। उन्होंने कहा कि जनपद में जहाॅ पर भी निर्माण कार्य हो रहे है उसका स्थलीय निरीक्षण मेरे द्वारा समय-समय पर स्वंय किया जायेगा इसके साथ ही जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी प्रत्येक माह जनपद के सभी क्षेत्रों में भ्रमण कर निमार्ण कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस बार जिला योजना में चालू योजनाओं को ही महत्व दिया जा रहा है। नये कार्यों को जिला योजना में विशेष परिस्थितियों में ही रखा जायेगा जब तक पुराने कार्य पूर्ण नहीं होंगे तब तक नये कार्यों को रखना औचित्यपूर्ण नहीं होगा। जिला योजना की संरचना बनाते समय अधिकारियों को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को उसमें समावेश करना होगा तभी हमारी विकेन्द्रीकरण की परिकल्पना साकार होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एक से दो किमी0 सड़कों का निर्माण जिला पंचायत के माध्यम से किया जायेगा।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि हमें शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने जिला योजना की संरचना के बारे में विशेषकर पर्यटन, लोक निर्माण, पेयजल निगम, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्यान, कृषि विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत वार्ता पृथक से की जायेगी। प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों से अपने विभाग से सम्बन्धित अद्यतन जानकारी रखने के निर्देश दिये।
   प्रभारी मंत्री ने जनपद में पेयजल समस्या से निपटने के लिए जल संरक्षण व जल संवर्द्धन के कार्यों को प्राथमिकता देने के साथ ही चाल-खाल निर्माण पर भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनपद की पेयजल समस्या से निपटने के लिए शासन कटिबद्व है। नगरीय पेयजल समस्या को दूर करने के लिए शासन द्वारा कोसी बैराज में पम्प लगाने हेतु टोकन मनी स्वीकृत कर दी है। शीघ्र ही अन्य धनराशि को प्राथमिकता से स्वीकृत कराने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनपद में पलायन को रोकने के लिए वन विभाग, उद्यान, कृषि, पर्यटन, मत्स्य पालन, दुग्ध पालन, पशुपालन, रेशम पालन से जुड़े अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर ठोस कार्य योजना तैयार करेंगे जिससे गाॅवों से पलायन रूक सके इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को हमें प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने कहा कि जनपद में पर्यटन की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए पर्यटन विभाग के अधिकारियों को होम स्टे योजना के साथ ही अन्य योजनाओं से युवाओं को जोड़ना होगा साथ ही नये ट्रेकिंग रूटो का चयन करना होगा ताकि अधिकाधिक लोग पर्यटन का लुफ्त ले सकें। प्रभारी मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गत वर्षों में शत-प्रतिशत बजट आवंटित नहीं हो पाया था लेकिन इस बार हमारा प्रयास रहेगा कि जो परिव्यय स्वीकृत किया गया है उसका आवंटन शत-प्रतिशत किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रमुखतयः जल संस्थान के लिए 1180.00 लाख रू0, लोक निर्माण के लिए 515.00 लाख रू0, पेयजल निगम के लिए 400.00 लाख रू0, माध्यमिक शिक्षा के लिए 400.00 लाख रू0, राजकीय सिंचाई के लिए 350.00 लाख रू0, पशुपालन के लिए 172.00 लाख रू0, कृषि के 85.59 लाख रू0, प्रान्तीय रक्षा दल के लिए 295.00 लाख रू0 पूल्ड आवास के लिए 164.02 लाख रू0, क्रीड़ा के लिए 145.00 लाख रू0 स्वीकृत किया गया।
कृषि व उद्यान विभाग से जुड़े अधिकारियों को फ्लोरीकल्चर के साथ ही बेमौसमी सब्जी के उत्पादन को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि उनसे उत्पादित माल के विपणन के लिए भी एक कार्य योजना तैयार करनी होगी ताकि उन्हें नजदीक में ही विपणन की सुविधा सुलभ हो सके। काश्तकारों को समय पर बीज उपलब्ध हो सके इसका भी ध्यान रखना होगा। वन विभाग के अधिकारियों को विभिन्न जगहो पर बने विश्राम गृहों को आधुनिक तरीके से सुसज्जित करना होगा तथा वनों में फलदार पौधों के रोपण को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने यह भी निर्देश अधिकारियों को दिये कि ग्रामीण क्षेत्रों का अधिकाधिक भ्रमण कर लोगो कि समस्याओं का निदान मौके पर ही किया जाय। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों के निर्माण में तेजी लाने के साथ-साथ वन भूमि हस्तान्तरण के मामलों पर विशेष ध्यान देना होगा। प्रभारी मंत्री ने इस अवसर पर रिक्त शिक्षिकों के पदों, रिक्त चिकित्सकों के पदों सहित सभी विभागों में रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त की और कहा कि प्रत्येक अधिकारी अद्यतन सूचना अपने पास रखें। इस बैठक में मा0 विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, मा0 विधायक द्वाराहाट महेश नेगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यान में रखकर जिला योजना में उसका प्राविधान रखना होगा तभी हमें सही मायने में इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि खूॅट में एक भव्य पं0 गोविन्द बल्लभ पंत की स्मृति में वाचनालय, पुस्तकालय सहित भवन का निर्माण कराया जाय और इसका प्राविधान जिला योजना में रखा जाय।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने विगत वर्ष कि जो जिला योजना हेतु धनराशि स्वीकृत हुई थी उसकी जानकारी देते हुये कहा कि शासन से प्राप्त शासनादेशों से अवगत कराया और आश्वस्त किया कि सभी जनप्रतिनिधियों की भावनाओं का सम्मान किया जायेगा। मुख्य विकास अधिकारी जे0एस0 नगन्याल ने प्रभारी मंत्री का स्वागत करते हुये सभी सैक्टर जानकारी दी। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक पी0 रेणुका देवी, उपजिलाधिकारी सदर विवेक राय,  जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पार्वती महरा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी, भाजपा के जिला अध्यक्ष ललित लटवाल, ब्लाक प्रमुख हवालबाग सूरल सिराड़ी, ताकुला दीपक बोरा, ब्लाॅक प्रमुख धौलादेवी पीताम्बर पाण्डे, ब्लाॅक प्रमुख चैखुटिया बिशन राम, ब्लाॅक प्रमुख द्वाराहाट ममता भटट, परियोजना निदेशक डी0डी0 पंत, जिला विकास अधिकारी मो0 असलम, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी जी0एस0 कालाकोटी, सांसद प्रतिनिधि रमेश बहुगुणा, जिला पंचायत के अनेक सदस्य, पूर्व जलागम प्रबन्धन के उपाध्यक्ष दिनेश कुंजवाल सहित जिला योजना समिति के सदस्य व जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।