गौरव जैन (बंटी), सनसनी सुराग न्यूज समाचार जनपद शामली
कांधला
विराट हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में, सकल हिन्दू समाज द्वारा विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथियों के द्वारा संपूर्ण हिन्दू समाज को संगठित रहने का तथा अपनी संस्कृति को संजोकर रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक हिन्दू समाज एक नहीं होगा तो हम पुनः गुलामी के दौर में चले जाएँगे।





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नगर के मौहल्ला सरावज्ञान स्थित राजकीय बालिका इंटर काॅलेज के नवीन भवन के परिसर में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में नगरवासियों के द्वारा मुख्य अतिथि का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा और गौरव के प्रतीक स्वरूप स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व गार्गी कन्या वैदिक गुरूकुल की बहनों के द्वारा यज्ञ एवं वेदों के पाठ किया गया।
कार्यक्रम में विभाग कार्यवाह लक्ष्मीनगर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मेरठ प्रांत से पहुंचे प्रमोद जी के द्वारा विराट हिन्दू सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा संघ की 100 वर्ष की यात्रा को पूर्ण करने पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब हिंदू समाज में विभाजन की दरार उत्पन्न हुई है, तब-तब विदेशी आक्रांताओं ने देश पर शासन किया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की एकता ही भारत को सशक्त बनाती रही है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित रहा, तब राष्ट्र ने उन्नति की और जब समाज में बंटवारा हुआ, तब देश को बाहरी आक्रमणों का सामना करना पड़ा। हिंदू समाज की संगठित शक्ति ही भारत की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा कर सकती है।
भारतीय किसान संघ पंजाब के प्रांत संगठन मंत्री सुन्दर लाल ने हिन्दू सम्मेलन में कुटुंब प्रबोधन विषय पर अपने विचार रखते हुए नारी शक्ति की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सशक्त परिवार व्यवस्था ही सशक्त समाज की आधारशिला होती है। विराट हिंदू सम्मेलन में कोई साधारण सभा नहीं है, यह सनातन चेतना की जागृति है, यह हिंदू समाज की संगठित शक्ति का उद्घोष है। यह विराट हिंदू सम्मेलन केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, यह सनातन की क्रांति का प्रारंभ है,जहाँ मौन को संकल्प में बदला जा रहा है, और बिखरी चेतना को एक सूत्र में पिरोया जा रहा है।
वहीं अखिल भारतीय संत समिति हरियाणा के प्रदेश महामंत्री संत स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती जी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और विचारों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम के चरित्र से समाज को नैतिक और सांस्कृतिक दिशा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि सनातन रहेगा, तो धर्म रहेगा, उपासना रहेगी और संत रहेंगे, तभी मठ और मंदिर भी सुरक्षित रहेंगे। यह भारत की सदी है। संतों को देश की दिशा और दशा तय करनी है। यह भी कहा कि संतों को धैर्य से कार्य करते हुए बांटने वाली ताकतों से सावधान रहना चाहिए।
कार्यक्रम में मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए गार्गी वैदिक कन्या गुरूकुल से पहुंची आचार्या शिवानी ने सम्बोधित करते हुए आज भारत ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर हिंदू समाज संगठित हो रहा है। हमारी सनातन संस्कृति वैश्विक कल्याण का संदेश देती है और भारत एक बार फिर विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पराधीनता के दौर में एकजुटता के अभाव में देश पिछड़ा, लेकिन अब समाज संगठित होकर आगे बढ़ रहा है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने हिंदू समाज को गर्व के साथ अपनी पहचान के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। सम्मेलन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने सहभागिता की.

कार्यक्रम के अध्यक्ष तरूण अग्रवाल, कुंशाक चैहान, लोकेश गोयल, रवि जैन, गुणपाल जैन, नीरज गुप्ता, ईश्वर दयाल कंसल, सतबीर मा0, बिट्टू सैनी, डा रणबीर सिंह, अंकित सैनी, दीपक नामदेव, सिद्धार्थ पाराशर, जितेन्द्र सैनी, देवीचंद बिरला, रवि नामदेव, संजीव अडवाणी के साथ अन्य स्वयं सेवक व्यवस्था बनाने में रहे, जबकि सम्मेलन का संचालन गुलशन खन्ना ने किया. आयोजकों ने इसे हिंदू समाज को संगठित करने की दिशा में एक मजबूत कदम बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर करने की बात कही।






कार्यक्रम में नगरवासियों के साथ संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा और अधिक सुदृढ़ हुई। समापन अवसर पर भारत माता की भव्य आरती संपन्न हुई, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्रभक्ति भाव के साथ सहभागिता की। इसके पश्चात सभी उपस्थित जनों ने सहभोज में सहभागिता कर सामाजिक समरसता का परिचय दिया। कुल मिलाकर विराट हिंदू सम्मेलन ने क्षेत्र में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक संगठन और राष्ट्रभावना को नई ऊर्जा प्रदान की।
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बच्चों के सांस्कृतिक व देशभक्ति कार्यक्रमों ने मन मोहा
विराट हिन्दू सम्मेलन में नगर के संत गोरख नाथ चिल्ड्रन एकेडमी व आर्य बाल विद्यालय के छात्र छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक व देशभक्ति कार्यक्रमों ने सबका मन मोहते हुए वातारण को देशभक्ति मय बना दिया। वही गौरांगी धीमान शामली के द्वारा नृत्य तनु श्री धीमान के द्वारा काव्य पाठ किया गया। सभी अतिथियों ने सभी की प्रस्तुति की खूब सराहना की।
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सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का आह्वान
वर्तमान समय में समाज के प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह समय संगठित प्रयासों का है, जिससे समाज और राष्ट्र दोनों को सशक्त बनाया जा सके।
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युवाओं से विशेष आह्वान
प्रमोद जी ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सजग एवं जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी सक्रिय, सकारात्मक सहभागिता से ही देश को नई दिशा मिल सकती है।
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भारतीय संस्कृति और वसुधैव कुटुम्बक
भारत की सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए सुन्दर लाल जी ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बक की भावना भारतीय संस्कृति की आत्मा रही है, जिसमें पूरे विश्व को एक परिवार माना गया है। इसी सोच के कारण भारत ने कभी आक्रमणकारी बनने का मार्ग नहीं अपनाया।
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ज्ञान, शांति और मानवता का संदेश
उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव ज्ञान, संस्कृति, शांति और मानवता का संदेश विश्व को दिया है। यही भारत की पहचान और उसकी सांस्कृतिक शक्ति का मूल आधार है।

