December 5, 2022

उत्त्तरकाशी : पानी से फैल सकती है महामारी : बिष्ट

  • उत्त्तरकाशी

बुद्धवार को PWD गेस्ट हाउस में गंगा विचार मंच के प्रदेश संयोजक लोकेंद्र बिष्ट ने प्रेस वार्ता की। बिष्ट ने कहा कि उत्तरकाशी में करीब 50 हज़ार की आबादी वाले नगरपालिका परिषद बाड़ाहाट उत्तरकाशी सहित आसपास के गाँवों में कभी भी भयंकर महामारी फैल सकती है, और ये महामारी उस पानी के साथ आएगी जिसे शहरवासी रोजाना पी रहे हैं। दरअसल सम्पूर्ण नगरपालिका परिषद बाड़ाहाट के साथ ज्ञानसू, जोशियाड़ा, तिलोथ, मांडो सहित लगभग 50 हज़ार की आबादी को जो पानी “जल संस्थान उत्तरकाशी” पिला रहा है वह पानी किसी प्राकृतिक जल श्रोत का नहीं बल्कि भू-जल है , जो रामलीला मैदान में लगे दो ट्यूबवेलों की मदद से हम सबके घरों तक पहुंच रहा है और 50 हज़ार की आबादी वाले शहर को जिस रामलीला मैदान में लगे दो ट्यूबवेलों से भू जल रोजाना पिलाया जा रहा है । ठीक उसी के ऊपर नगरपालिका परिषद बाड़ाहाट उत्तरकाशी द्वारा सम्पूर्ण शहर की 50 हज़ार आबादी के घरों का रोजमर्रा का कूड़ा, बाज़ार का तमाम तरह का कूड़ा, सब्जी मंडियों, होटलों के साथ दवाघरों व निजी क्लीनिकों का सम्पूर्ण मेडिकल वेस्ट, वेस्ट दवाइयां, नगरपालिका के जोशियाड़ा व तिलोथ के बूचड़खानों का कूड़ा कचरा , मांस, मुर्गे, मछलियों के अवशेष को पिछले 4 महीनों से शहर के बीचोंबीच स्थित रामलीला मैदान (हार्ट ऑफ द सिटी है) में डम्प किया जा रहा है। इस कूड़े में मेडिकल वेस्ट, खतरनाक रसायन, घरों से निकलने वाले मीट ,मांस, हड्डियों, व मांस के लोथड़ों के साथ अंडों के वेस्ट के अलावा, लेडीज पैड्स, वेस्ट दवाइयां, मरे चूहे, मरे कुत्ते, बिल्लियां, सूअर, गाय, जानवरों के मृत शरीर ओर न जाने कितने खतरनाक केमिकल टनों के हिसाब से डम्प किया जा रहा है, जो लगातार हो रही बारिश के चलते सड़ने गलने से तरल के रूप में जमीन में समा रहा है अब अंदेशा ये है कि इन तमाम मेडिकल वेस्ट, केमिकल वेस्ट के साथ मिले समूचे कूड़े कचरे से तैयार ये खतरनाक तरल जमीन में समाकर उसी भू जल में मिक्स हो रहा है या फिर जाएगा जो हमारे घरों तक रोजाना पहुंच रहा है।

बिष्ट ने कहा कि जल संस्थान उत्तरकाशी ने भी सरकार को इस खतरनाक महामारी की आशंका से अवगत करा दिया है। साथ ही ये भी अवगत कराना है कि यदि ये दूषित खतरनाक तरल भू जल में मिश्रित हो गया तो करोड़ों की लागत से बनी ये दो ट्यूबवेलों की योजना भी बर्बाद हो जाएगी, ऊपर से आने वाली चारधाम यात्रा के साथ गर्मी में हज़ारों तीर्थयात्रियों के अलावा 60 हज़ार की आबादी वाले शहर और आस पास के क्षेत्रवासियों को पेयजल व पानी की बूंद बूंद के लाले पड़ जाएंगे।
लोकेंद्र बिष्ट ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया कि अभी जो भू जल शहरवासियों को पिलाया जा रहा है उसका भी प्रयोगशाला से परीक्षण करवाकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पानी दूषित तो नहीं हुआ।