February 8, 2023

सतीश सेठी /ब्यूरो चीफ /सनसनीसुराग न्यूज़ /सहारनपुर श्री रामकथा तृतीये दिवस बाल लीला प्रसंग दिव्य ज्योति जागृति संस्थान

सतीश सेठी /ब्यूरो चीफ /सनसनीसुराग न्यूज़ /सहारनपुर
श्री रामकथा तृतीये दिवस
बाल लीला प्रसंग
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से सहारनपुर में श्री राम कथा अमृत का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री गरिमा भारती जी ने प्रभु श्री राम जन्म प्रसंग को भगवत प्रेमियों के आगे बड़े ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं कि प्रभु श्री राम जी का व्यक्तित्व बताता है :-
प्रात काल उठकर रघुनाथा,
मात पितु नवविहि माथा’ अपने गुरु माता पिता का सम्मान करना हमारी संस्कृति हमें सिखाती है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हमें प्रेरणा देते हैं कि हम अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को धारण करें, जो नैतिक मूल्य मानव के व्यक्तित्व को मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की मानिद् सुंदर बनाते हैं। लेकिन आज इस समाज का यह दुर्भाग्य है कि प्रभु श्री राम जी के भक्त होने पर भी हम अपनी सुंदर संस्कृति व संस्कारों को न अपनाकर पाश्चात्य संस्कृति के अनुसार अपनी जीवनशैली को अपनाते हैं। जिसके परिणाम स्वरूप आज बच्चे माता-पिता का सम्मान नहीं करते , वृद्ध आश्रमों की संख्या निरंतर बढ़ती चली जा रही है इस समाज को सुंदर भारतीय संस्कारों से सुसज्जित होने की प्रेरणा दी।
आज हमारे समाज को अपने भारतीय संस्कृति के अनुसार उन नैतिक मूल्य व संस्कारों से सजोने की आवश्यकता है। जिन संस्कारों के अभाव में हमारे समाज का स्वरूप विकृत होता चला जा रहा है। भारत के पुनहे उत्थान के लिए हमें अपने भारतीय संस्कृति की ओर अग्रसर होना होगा। दम तोड़ती हुए मानवता के उत्थान का मार्ग केवल अध्यात्म के पास है। अध्यात्म को अपनाकर ही हम प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को सुंदर संस्कारों से सुसज्जित कर एक सभ्य मानव के रूप में परिवर्तित कर सकते हैं । सर्व श्री आशुतोष महाराज जी आज समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नैतिक मूल्य ,प्रेम, दया, सहिष्णुता,मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, अतिथि देवो भव इत्यादि सुंदर गुणों से सुसज्जित करने के लिए ब्रह्म ज्ञान को प्रदान कर मानव के जीवन को परिवर्तित करने का कार्य कर रहे हैं।
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी आज समाज में संस्कार विहीन संतानों को ,व वृद्ध आश्रमों को बढ़ते देखकर प्रत्येक जीवात्मा के अंतर्गत में उस ब्रह्म ज्ञान को रोपित कर नैतिक मूल्यों को पोषित कर रहे हैं। सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का कहना है कि मानव का जीवन एक वृक्ष की समान है जिसके ऊपर फल फूलों रुपी नैतिक मूल्य तभी रोपित हो सकते हैं, यदि उसे जड़ से सींचा जाए और केवल मात्र अध्यात्म ही ऐसा जल है जिसके द्वारा मानव के जीवन रूपी वृक्ष को सींच करके, उसके जीवन को भारतीय संस्कृति के सुंदर संस्कारों से पोषित किया जा सकता है। आज आवश्यकता है अपनी संतानों को सुंदर संस्कारों से सुसज्जित करने के लिए अपने समाज को सुंदर बनाने के लिए हम उस ब्रह्म ज्ञान की ओर अग्रसर हो। अपनी संतानों को भी उस अध्यात्म की ओर लेकर चले जो हमारे जीवन को सुंदर बनाता है । इस समाज को सुव्यवस्थित व सुंदर बनाने के लिए हम सभी अपना सहयोग प्रदान कर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को जीएं। अंत में हरिता भारती, सद्दया भारती, योगिनी भारती, साध्वी निवृत्ति भारती, मनु भारती, व महात्मा हरीश महात्मा अमृत जी ने प्रभु की पावन आरती का सुंदर गायन करते हुए कथा प्रसंग को विराम दिया।

मुख्य अतिथि
देवेंद्र कुमार निम -विधायक रामपुर
अमित गगनेजा पूर्व महानगर अध्यक्ष
डाक्टर अजय सिंह :-मेडिग्राम हॉस्पिटल
विभोर राणा :-श्री राम सेना अध्यक्ष
पवन गोयल (समाजसेवी )

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