August 18, 2022

उत्तरकाशी : मंत्री सतपाल महाराज पहुंचे भीषण अग्निकांड प्रभावित गाँव सावणी, प्रभावितों को बांटी कंबल, वस्त्र एवं खाद्य सामाग्री

  • उत्तरकाशी
भीशण अग्निकांड प्रभावित सावणी गांव के ग्रामीणों को मानव उत्थान सेवा समिति ने राहत सामाग्री वितरण की। पर्यटन,सिचाई एवं संस्कृति मंत्री मा.सतपाल महाराज ने अग्निकांड प्रभावित 46 परिवार को कंबल, वस्त्र एवं खाद्य सामाग्री वितरण की। उन्होेंने अग्निकांड से प्रभावित परिवार के प्रति संवेेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस दुःखद की घड़ी में आपका साथ एवं सहायता देने में आज यहां आया हूं भगवान आपको षक्ति दें और फिर से समाज में पुर्नस्थापित हो तथा आगे बढ़ सके। मा. मंत्री जी ने प्रभावित ग्रामीणों की हर संभव मदद देने का भरोसा दिया।
पर्यटन मंत्री महाराज ने इस मौके पर ग्रामीणों की मांग पर ग्राम जखोल को पर्यटन ग्राम घोशित करने की घोशणा की। वहीं देवक्यारा बुग्याल को पर्यटन के नक्षे में सम्मलित किया जाएगा। जखोल सरूताल झील का सौन्दर्यकरण की घोशणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने अपनी संस्कृति एवं परम्परा को संजोए रखा है जिस प्रकार ग्रामीण जीवन है और लकड़ी के मकान है वैसे ही ट्राईवल टूरिज्म होना चाहिए। उन्होंने कहा ट्राईवल टूरिज्म में अनुसूचित जन जाति के टूरिज्म में जखोल गांव का प्रथम स्थान मिलेगा।
संस्कृति मंत्री महाराज ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक सक्रिट बनायें जा रहें है। उन्होंने कहा कि भगवती  मंदिर को जोड़ते हुए कुमांउ एवं गढ़वाल मंडल में षार्ट सर्किट बनायें गए है। वहीं षहर में भी सक्रिट बनाए जा रहें है। भगवान षंकर के मंदिर को जोड़ते हुए वैश्णव सक्रिट,नवग्रह जिसमें षनि देव, वृहस्पति अल्मोड़ा के कटारमल मंदिर,आदि को नवगृह में जोड़े जाऐंगे। मा. मंत्री जी ने कहा कि जिस प्रकार विदेष में पैरू एवं नेपाल में अन्नपूर्णा जैसे सक्रिट है उसी के तर्ज पर उत्तराखण्ड के अन्दर भी चार धाम यात्रा पैदल सक्रिट होगेें। कहा कि सक्रिट के होने से टूरिज्म को जीवांत करेगा तथा लोगों को रोजगार मिलने के साथ-साथ पलायन भी रूकेगा।
पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने कहा कि एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए टिहरी झील को विकसित किया जाएगा। इसके साथ-साथ ग्रामीण ट्राइवेल टूरिज्म को भी विकसित किया जाएगा। उन्होने स्थानीय व्यंजन मंडवे की रोटी, कंडाली की सब्जी,बाड़ी, चावल के आटे से बने सिड़े एवं अस्के को विकसित कर प्रचार प्रसार करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि 21 जून को योग दिवस के रूप में मान्यता मिली है जो पूरे देष के लिए गौरव की बात है। कहा कि अध्यात्म की भी जय हो रही है और जिस दिन अध्यात्म एवं योग का प्रचार-प्रसार होगा उस दिन दुनिया में हमारा देष विष्व गुरू बनेगा। उन्होंने टूरिज्म के क्षेत्र में युवाओं को प्रषिक्षित करने की भी बात कही कहा कि घनसाली से आगे गुत्थू के साथ लगा क्षेत्र में युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में जानकारी एवं प्रषिक्षण देने के लिए कैंप लगाएं जाएंगे।
जिसमें युवाओं को प्रवीण बनाकर पर्यटन विभाग से रोजगार दिया जाएगा। उन्होने कहा कि ऋशिकेष को योगा कैपिटल के रूप में मान्यता मिली है दुनिया के चार डेस्टीगेषन में से एक डेस्टीगेषन उत्तराखंड में है जो गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने अग्निकांड प्रभावित को 58 लाख की सहायता दी है और इसके अतिरिक्त जो कमी होगी उसे भी षीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होने कहा कि लोक संस्कृति एवं परम्पराओं को संजोए रखने के लिए हरिद्वार में ढोल वादको का एक सम्मेलन हुआ था जिसमें करीब 12 सौ ढोल वादकों ने प्रतिभाग किया था। जिस दिन तीन हजार ढोल वादक आ जाएंगे उस दिन गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड बन जाएगा। उन्होंने आवह्ान किया कि जखोल के ढोल भी हरिद्वार में गंगा जी पर बजने चाहिए।
इस मौके पर उप जिलाधिकारी पुरण ंिसह राणा, सीओ जीएल कोहली, गंगा सिंह रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य मीना रावत,सोवेन्द्र सिंह, प्रधान सुरज, राजपाल सिंह रावत, चंडी प्रसाद,कृपाल सिंह, भगवान सिंह, जयवीर सिंह, अवतार सिंह विजेन्द्र लाल सहित प्रभावित ग्रामीण उपस्थित थे।