December 5, 2022

उत्त्तरकाशी : सिक्योर हिमालय परियोजना को लेकर कार्यशाला

 

  • उत्त्तरकाशी

जिला सभागार में आयोजित कार्यशाला में गंगोत्री व गोविन्द वन्य जीव विहार परिक्षेत्र संरक्षण के बारे में विस्तृत जानकारियां दी गई। भारतीय वन्य जीव विहार संस्थान के वैज्ञानिक डा.सत्याकुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यावरण मंत्रालय,यूएनडीपी व उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा सिक्योर योजना के अन्तर्गत भारतीय वन्य जीव संस्थान के द्वारा हिम तेंदुआ व 2 हजार 500 मीटर से उपरी बुग्यालीक्षेत्रों का संरक्षण व समस्याआें का हल कैसे किए जाए पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभिन्न विभाग भी काम कर रहें है लेकिन इसमें कनवर्जन कैसे लाए जाए इस हेतु संबंधित विभागों व ग्रामीणों के साथ कार्यशाला आयोजित कर उनके सुझाव व जानकारियां ली जा रही है। जरूरी सुझाव की रिर्पोट बनाकर भारत सरकार व उत्तराखण्ड सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य उदेश्य यह है कि जलवायु परिर्वतन को रोकने व प्रकृति को बचाने हेतु उच्च हिमालय में जैव विविधता परितंत्रों को बेहतर संरक्षण व प्रबन्धन करना है। वन्य जीव अपराध एवं संबंधित खतरों को कम करने हेतु प्रर्वतन निगरानी पर भी भी कार्य किया जा रहा हैं।
जिलाधिकारी डा. चौहान ने अपने सम्बोंधन में कहा कि सिक्योर हिमालय परियोजना का ठोस प्लान बनाने हेतु निम्न स्तर पर कार्य करने की जरूरत हैं। ताकि एक मजबूत प्लान बनाकर भारत सरकार व शासन को भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि आगामी कार्यशाला में रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ ग्रामीण महिलाओं की भागेदारी भी सुनिश्चित की जाए। ताकि पहाड़ी व ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के आवश्यक सुझाव व जानकारियां भी ली जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश महिलाएं पर्यावरण से सीधी जुड़ी होती है। इसलिए स्थानीय लोगों के साथ -साथ महिलाओं की भागेदारी सुनिश्चित करते हुए उनके जरूरी सुझाव व जानकारियां भी प्लान में सम्मलित की जाए।
कार्यशाला में प्रभागीय वनाधिकारी संदीप कुमार, भारतीय वन्य जीव विहार संस्थान के वैज्ञानिक डा.एश्वर्या माहेश्वरी,डा.ए.के गुप्ता, प्रोफेसर डा.यशवीर भटनागर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।