देहरादून। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। नैनीताल हाईकोर्ट और गढ़वाल मंडलायुक्त के निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम देहरादून के सभी 100 वार्डों में प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए 50 सेक्टर अधिकारी तैनात किए गए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा ने बताया कि प्लास्टिक का निर्माण करने वाले उद्योगों और फैक्ट्रियों का भी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। सेक्टर अधिकारी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।
अभियान के लिए संयुक्त आयुक्त (विवेचना/प्रवर्तन), राज्य कर, देहरादून को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत सहित सभी संबंधित निकायों के साथ समन्वय कर सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।
नगर निगम देहरादून के वार्डों में अधिकारियों और कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी, जो सेक्टर अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान की निगरानी करेंगे। वहीं विकासनगर, हरबर्टपुर, डोईवाला, मसूरी और सेलाकुई में संबंधित नगर निकायों को अपने क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यहां सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई के साथ स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। अभियान के दौरान साफ-सफाई की स्थिति की पहले और बाद की गूगल फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करानी होगी।
प्रशासन ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के नगरीय निकायों में प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग से भी अभियान में सहयोग के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों को आवश्यक निर्देश देने को कहा गया है। पुलिस विभाग की ओर से भी नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलेगा जागरूकता अभियान
ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी और अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी अभियान में सहयोग करेंगे।
सेक्टर अधिकारियों को अपने आवंटित वार्डों का नियमित भ्रमण कर प्लास्टिक के खिलाफ की गई कार्रवाई की गूगल फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वच्छता अभियान के तहत कूड़ा और गंदगी वाले स्थानों की सफाई कराकर प्रतिदिन पहले और बाद की तस्वीरों सहित रिपोर्ट देनी होगी।
जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत सभी नोडल, सह-नोडल और सेक्टर अधिकारियों को प्रतिदिन जनजागरूकता और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है।
