डॉ रणवीर सिंह वर्मा / सनसनी सुराग न्यूज जनपद शामली
दिल्ली में चल रहे कथित धरना-प्रदर्शन के दौरान देश के माननीय प्रधानमंत्री के विरुद्ध अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई किए जाने के संबंध में सचिन गोयल एडवोकेट (कार्यकारी)
केंद्रीय उद्योग व्यापार ने कैराना एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
सेवा में,
माननीय राष्ट्रपति महोदया
भारत सरकार, नई दिल्ली।
प्रतिलिपि :
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।
माननीय मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार, नई दिल्ली।
विषय : दिल्ली में चल रहे कथित धरना-प्रदर्शन के दौरान देश के माननीय प्रधानमंत्री के विरुद्ध अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई किए जाने के संबंध में।
महोदया/महोदय,
सविनय निवेदन है कि दिल्ली में चल रहे एक कथित धरना-प्रदर्शन के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा देश के माननीय प्रधानमंत्री के विरुद्ध अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने की जानकारी विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हुई है। यदि जांच में यह तथ्य सत्य पाए जाते हैं, तो यह न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है, बल्कि करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को भी आहत करने वाला कृत्य है।
भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार प्रदान करता है। साथ ही यह अपेक्षा भी करता है कि इस अधिकार का प्रयोग कानून, सार्वजनिक शिष्टाचार एवं संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप किया जाए।
सार्वजनिक आंदोलनों एवं धरना-प्रदर्शनों का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत अपनी मांगों एवं विचारों को शांतिपूर्ण ढंग से सरकार तक पहुँचाना होता है। किंतु यदि किसी प्रदर्शन के दौरान किसी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के विरुद्ध अशोभनीय, अपमानजनक अथवा अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और जांच में यह तथ्य प्रमाणित होते हैं, तो ऐसी स्थिति लोकतांत्रिक परंपराओं, सामाजिक सौहार्द एवं विधि के शासन के अनुकूल नहीं मानी जा सकती।


अतः निवेदन है कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए तथा यदि जांच में संबंधित व्यक्तियों द्वारा आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जाना प्रमाणित हो, तो उनके विरुद्ध प्रचलित विधि के अनुसार उचित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक कदम भी उठाए जाएँ, जिससे लोकतांत्रिक गरिमा एवं सार्वजनिक शालीनता बनी रहे तथा देशवासियों का कानून के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।
मांगें
प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।
यदि जांच में आरोप प्रमाणित हों, तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए।
भविष्य में सार्वजनिक मंचों पर अभद्र एवं अमर्यादित भाषा के प्रयोग को रोकने हेतु प्रभावी दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।
लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं एवं सामाजिक सौहार्द की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ।
अतः केंद्रीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपर्युक्त विषय पर शीघ्र एवं न्यायोचित कार्रवाई कर देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करने का कष्ट करें।
सधन्यवाद।
भवदीय,
(सचिन गोयल एडवोकेट)
प्रदेश अध्यक्ष (कार्यकारी)
केंद्रीय उद्योग व्यापार
