अपडेटः उत्तरकाशी सुरंग हादसा पहुंचा हाईकोर्ट, वहीं रेस्क्यू टीम को मिली पाइपलाइन डालने में कामयाबी…

उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में चल रहे रेस्क्यू अभियान स बड़ा अपडेट आ रहा है। मौके पर जहां नौ दिन से रेस्क्यू जारी है। 41 जिंदगियां सुरंग के अंदर फंसी है। वहीं रेस्क्यू टीम को आज एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। टीम ने सुरंग के अवरुद्ध हिस्से में  6 इंच की पाइपलाइन बिछाकर सेकेंडरी लाइफ लाइन बनाने के लिए की जा रही ड्रिलिंग पूर्ण कर मलवे के आर पार 53 मीटर लंबी पाइपलाइन डाल दी है। इस पाइप के जरिये फंसे श्रमिकों तक खाद्य सामग्री पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। जिससे अंदर फंसे श्रमिकों के जीवन को सुरक्षित बनाये रखने का भरोसा कई गुना बढ़ा है। जल्द ही मजदूरों को बाहर निकालने की भी उम्मीद है।

भेजे गए DRDO के रोबोट, अधिकारियों ने किया निरिक्षण

वहीं आज उत्तरकाशी टनल में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने हेतु, भारत सरकार द्वारा DRDO के रोबोट भेजे गए हैं। सरकार द्वारा लगातार उत्तरकाशी में हर संभव सहायता भेजी जा रही है।सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिये चलाये जा रहे रेस्क्यू अभियान में केंद्रीय संगठनों से समन्वय बनाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से नियुक्त नोडल अधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने आज सिलक्यारा पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया।  डॉ. खैरवाल द्वारा अभी एनएचएआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद, निदेशक अंशु मनीष खलखो, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला और रेस्क्यू अभियान में जुटे विभिन्न केंद्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है।

श्रमिकों के परिजनों को मिलेगी ये सुविधाएं

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सिलक्यारा सुरंग में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देते हुए कहा कि सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने का काम तेजी से चल रहा है। इस दौरान श्रमिकों के परिजनों के आवागमन एवं रहने-खाने का इंतजाम सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के परिजनों की देखभाल की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां आने वाले परिजनों के मोबाईल रिचार्ज से लेकर भोजन, आवास व आवागमन आदि की व्यवस्था की जाय।

उन्होंने बताया कि दूसरे राज्य के अधिकारियों से बचाव कार्य हेतु समन्वय बनाने के लिए तीन और अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। सभी अधिकारियों को बचाव कार्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में तत्काल योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा हरिद्वार के एसडीएम मनीष सिंह, डीएसओ हरिद्वार तेजबल सिंह और डीपीएओ रुद्रप्रयाग अखिलेश मिश्रा की तैनाती भी कर दी गयी है।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार से जवाब तलब

वहीं दूसरी ओर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाई कोर्ट ने उत्तरकाशी के सिलक्यारा में टनल के अंदर फंसे मजदूरों को शीघ्र बाहर निकालने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को 48 घंटे के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर की तिथि नियत की है।

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