पिरान कलियर में पाकिस्तान व बांग्लादेश से पहुंचे जायरीनों को भेंट किया गंगाजल और गीता

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तस्लीम आलम / सनसनी सुराग न्यूज झिंझाना

( गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज जी का सपना )

झिंझाना / रूड़की 1 अक्टूबर : गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानंद जी महाराज जी के सपनों को पूरा करने के उद्देश्यों के चलते पिरान कलियर में उनके समर्थ को द्वारा बांग्लादेश और पाकिस्तान से पहुंचे जायरीनों को श्रीमद् भागवत गीता और गंगाजल आदि सामान भेंट किया गया।
स्वामी दयानंद जी महाराज के समर्थक और झिंझाना कस्बे के निवासी खुर्शीद आलम द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति का मुताबिक उत्तराखंड की पावन धरती पर हरिद्वार जिले में स्थित पिरान कलियर में आजकल सालाना उर्स चल रहा है। अर्स में पाकिस्तान,बंगला देश , साउथ अफ्रीका आदि मुस्लिम देशों से मुस्लिम समाज के काफी लोग धार्मिक भावनाओं से जुड़े अकीदतमंद जायरीन सबीर = ए = पाक की दरगाह शरीफ पर आते हैं। यहां काफी समय से कोशिश की जा रही थी की भारत से अलग हुए देशों से काफ़ी मुस्लिम समुदाय लोगों को भारत की सब से ज्यादा पड़े जानें वाली ग्रंथ श्री भागवत गीता, गंगा जल रुद्राक्ष माला , तबरूक दे कर उनको उनके अतीत को याद दिलाया जाए, और ये बताया जाए कि आप किसी भी देश में क्यों ना रह रहे हों, पर हो भारत देश के ही अंश भी और वंशज भी।
राष्ट्रिय संत महामंडलेश्वर स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज जी का उतराखंड सरकार और वाफ्क बोर्ड के चेयरमैन शादबा शम्स से
खुर्शीद आलम पूर्व मिडिया कोर्डिनेटर हरियाणा राज्य हज कमेटी हरियाणा सरकार के प्रयास से सम्भव हों पाया है।
गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज जी की और से उतराखंड सरकार के साथ शादाब शम्स चेयरमैन वक्फ बोर्ड का आभार प्रकट किया जाता है कि उन्होंने विदेशी मेहमानों का जो भारत वंशज विदेशी मेहमानों को गीता जी, गंगा जल , रुद्राक्ष माला , तबारुक देकर सम्मानित किया गया है जो अपने अपने देश में जा कर भारत में मिले इस सम्मान को दिखा कर कहें सके कि हम अपने देश गए थे जहां हमें अपनो ने उपरोक्त तीनों धार्मिक भावनाओं को देकर सम्मानित किया गया है

 

 

ये भारत की पहचान 755 वे उर्स मुबारक जिसकी बदौलत हिंदू ,मुस्लिम ,सिख, ईसाई धर्म के लोगों को एक सूत्र में पिरोये हुए हैं जहां एक साथ सब अपनी अपनी भावनाओं की अरदास पेस करते हैं।
‌‌‌‌ भारत देश की माटी को चंदन समझ कर माथे पर जरूर लगाते है ये ही मेरे भारत की पहचान जहां मजहब अलग है धर्म अलग है रीति रिवाज अलग है फिर भी एक है
जो विदेशों से आए जायरीनों को गीता जी
गंगा जल, रुद्राक्ष माला, दी गईं हैं

 

वो खास कर पाकिस्तान बंगला देश साउथ अफ्रीका से आए जायरीनों से अनुरोध किया गाया है कि वे अपने अपने देश में मंदिरों में गंगा जल चढ़ाएं और वहां से जल चढ़ाएं जानें की वीडियो भी वक्फ बोर्ड उतराखंड को जरूर भेजें फोटोकॉपी भी साथ में संलग्न चित्र साझा करें । खास कर पाकिस्तान से आए जायरीनों में उत्साह देखा गया वे अपने देश में जा कर सनातन धर्म के लोगों को गंगा जल रुद्राक्ष माला जप करने के लिए देंगे और समान सहित मंदिरों में गंगा जल विधि विधान से चढ़ाएं जानें का कार्यक्रम जरूर करेगें

 

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